
How to Apply for an IPO: पिछले कुछ सालों में शेयर बाजार में आईपीओ में निवेश का ट्रेंड बढ़ा है। इनमें कुछ कंपनियों ने निवेशकों को शानदार लिस्टिंग गेन भी दिया है। पिछले साल यानी 2025 में मेनबोर्ड सेगमेंट में कुल 103 कंपनियों का आईपीओ आया। इसी तरह, साल 2026 में अब तक 14 कंपनियां अपना इनिशियल पब्लिक ऑफर लॉन्च कर चुकी है। वहीं, इस साल कई बड़े आईपीओ भी पाइपलाइन में हैं। इसमें मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली कंपनी रिलायंस जियो (Reliance Jio), फोन पे, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और Zepto जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं। हालांकि, अभी भी बहुत सारे लोग ऐसे हैं, जो नहीं जानते हैं कि आईपीओ में निवेश कैसे किया जाता है। लेकिन इससे पहले जानेंगे कि आईपीओ क्या होता है।
दरअसल, किसी भी कंपनी के शेयर बाजार में कदम रखने की प्रक्रिया को इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग या IPO कहा जाता है। यह आम निवेशकों के लिए किसी कंपनी का हिस्सा बनने का शुरुआती मौका होता है। अगर आप भी नए हैं और शेयर बाजार में कदम रखने की सोच रहे हैं,तो यह खबर आपके लिए है। देश में आईपीओ में निवेश की प्रक्रिया पहले के मुकाबले सरल और डिजिटल हो चुकी है।
किसी भी प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) में आवेदन के लिए डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत पड़ती है। आसान भाषा में कहें, तो जिस तरह बैंक में पैसा रखने के लिए बैंक खाते की जरूरत पड़ती है, उसी तरह शेयरों को रखने के लिए डीमैट अकाउंट की जरूरत पड़ती है। बिना डीमैट अकाउंट के आप सिक्योरिटी मार्केट से न तो शेयर खरीद सकते हैं और न ही बेच सकते हैं। आज कल कई बैंक और सर्टिफाइड ब्रोकर्स ऑनलाइन डीमैट अकाउंट खोलने की सुविधा देते हैं। यह शेयर बाजार में निवेशक के लिए पहला जरूरी कदम है।
डीमैट अकाउंट खोलने के लिए आपके पास कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज होने जरूरी हैं। इसमें पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाता शामिल हैं। हालांकि, निवास प्रमाण पत्र और पहचान के लिए ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट के विकल्प का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
एक बार जब आपका डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट एक्टिव हो जाता है, तो आईपीओ में आसानी से बोली लगाई जा सकती है। मौजूदा समय में ज्यादातर निवेशक नेट बैंकिंग पोर्टल या ब्रोकिंग ऐप के माध्यम से अप्लाई करते हैं। इस प्रक्रिया को एप्लीकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक्ड अमाउंट (ASBA) कहा जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि जब तक आपको शेयर अलॉट नहीं हो जाते, तब तक आपके खाते से पैसे नहीं कटता है।
जब आप किसी आईपीओ में बोली लगा देते हैं, तो उसके बाद अलॉटमेंट की प्रक्रिया शुरू होती है। अगर डिमांड ज्यादा होती है तो शेयरों का अलॉटमेंट लॉटरी के आधार पर किया जाता है। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिल पाते हैं, उनका पैसा वापस कर दिया जाता है। वहीं जिन्हें अलॉट हो जाते हैं, उनके डीमैट अकाउंट में शेयर दिखने लगते हैं और लिस्टिंग के दिन बाजार में कारोबार कर सकते हैं।
आईपीओ के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया काफी आसान है, लेकिन आपको पैसा लगाने से पहले कुछ सावधानियों का जरूर ध्यान देना चाहिए। अप्लाई करने से पहले कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) को जरूर देखें। इसमें कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटजी, रिस्क और फाइनेंशियल स्टेटस की पूरी डिटेल होती है। बता दें कि शेयर बाजार में निवेश का जोखिम हमेशा अधिक रहता है, ऐसे में पैसा लगाने से पहले जरूरी कंपनी के बारे में जानना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें, व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।
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