HUL O3 Results: हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में जबरदस्त नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ सालाना आधार पर दोगुना होकर 6,603 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पहली नजर में यह बड़ी छलांग लगती है, लेकिन इसके पीछे की वजह भी समझनी जरूरी है।
मुनाफे में 121% की बढ़त कैसे आई?
कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान उसने अपना आइसक्रीम कारोबार क्वालिटी वॉल्स (इंडिया) लिमिटेड को बेच दिया था। इसी एकमुश्त सौदे का असर नतीजों में दिखा और शुद्ध लाभ 6,603 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 121 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि अगर असाधारण मदों को हटा दें, तो शुद्ध लाभ सिर्फ एक प्रतिशत बढ़कर 2,562 करोड़ रुपये रहा। असाधारण मदों और कर से पहले लाभ 3,495 करोड़ रुपये था।
नई श्रम संहिताओं का असर भी दिखा
तिमाही के दौरान नई श्रम संहिताओं के लागू होने से कंपनी ने 576 करोड़ रुपये की असाधारण हानि दर्ज की। यानी मुनाफे की बड़ी छलांग के साथ कुछ अतिरिक्त खर्च का असर भी आंकड़ों में शामिल है।
बिक्री और खर्च दोनों में बढ़ोतरी
उत्पादों की बिक्री से कंपनी का राजस्व 5.71 प्रतिशत बढ़कर 16,197 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 15,322 करोड़ रुपये था।
अक्टूबर-दिसंबर के दौरान कुल खर्च 6.37 प्रतिशत बढ़कर 13,078 करोड़ रुपये रहा। वहीं अन्य राजस्व को मिलाकर कुल आय 5.01 प्रतिशत बढ़कर 16,580 करोड़ रुपये हो गई।
मांग में सुधार के संकेत
कंपनी की सीईओ और प्रबंध निदेशक प्रिया नायर ने कहा कि इस तिमाही में मांग के रुझानों में सुधार के शुरुआती संकेत दिखाई दिए, जिन्हें सहायक नीतिगत उपायों का समर्थन मिला।
उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी ने अपने ब्रांड्स के आकर्षण को बढ़ाने, उच्च-वृद्धि क्षेत्रों में बाजार विस्तार और क्विक कॉमर्स के लिए अलग संगठन बनाकर भविष्य के अवसरों को मजबूत करने पर काम जारी रखा है।
HUL के तिमाही नतीजे मजबूत दिख रहे हैं, लेकिन मुनाफे की बड़ी छलांग का बड़ा हिस्सा आइसक्रीम कारोबार की बिक्री से आया है। नियमित कारोबारी प्रदर्शन में हल्की बढ़त और खर्च में वृद्धि दोनों साथ-साथ दिख रहे हैं। आने वाली तिमाहियों में असली ग्रोथ की दिशा साफ होगी।