
SBI Tax Demand Notice: बैंकिंग सेक्टर के दिग्गज और देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। आयकर विभाग (Income Tax Department) ने बैंक को एक भारी-भरकम टैक्स नोटिस थमाया है। यह मामला कोई छोटा-मोटा नहीं बल्कि हजारों करोड़ों रुपये का है। हालांकि, शेयर बाजार में मजबूती से टिके रहने वाले इस बैंक ने साफ किया है कि इस नोटिस से घबराने की जरूरत नहीं है।
मनी कंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए एसबीआई की जांच-पड़ताल की थी। इस जांच के बाद विभाग ने बैंक को कुल ₹6,338 करोड़ (सटीक राशि ₹63,37,52,52,550) का डिमांड नोटिस भेजा है। इस बड़ी रकम में टैक्स के साथ-साथ ब्याज भी जुड़ा हुआ है।
बैंक का कहना है कि आयकर विभाग की असेसमेंट यूनिट ने बैंक द्वारा किए गए कुछ दावों को मानने से इनकार कर दिया है, जिसकी वजह से यह टैक्स देनदारी बनी है। एसबीआई ने एक्सचेंज फाइलिंग में यह भी बताया कि इस तरह के मामले पहले से ही अदालतों में चल रहे हैं, यानी यह कोई एकदम नया या चौंकाने वाला विवाद नहीं है।
जब इतनी बड़ी रकम का नोटिस आता है, तो निवेशकों और ग्राहकों के मन में सवाल उठना लाजिमी है। लेकिन एसबीआई ने साफ कर दिया है कि इस नोटिस का उसके रोजमर्रा के कामकाज या किसी भी कारोबारी गतिविधि पर कोई असर नहीं पड़ेगा। SBI ने बताया कि यह रकम उसकी तय ‘मैटेरियलिटी थ्रेसहोल्ड’ से ज्यादा है। आसान भाषा में कहें तो जब किसी कंपनी या बैंक से जुड़ी कोई वित्तीय जानकारी एक तय सीमा से ऊपर की होती है, तब उसे अपने निवेशकों और बाकी स्टेकहोल्डर्स को इसकी सूचना देनी पड़ती है। इसी नियम के तहत SBI ने इस नोटिस की जानकारी सार्वजनिक की।
एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, यह आदेश 19 मार्च 2026 की तारीख वाला है। इसे आयकर कानून की धारा 143(3), 144C(3) और 144B के तहत जारी किया गया है। बैंक इस आदेश के खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाएगा और तय समय के भीतर अपीलीय अधिकारियों के पास अपनी बात रखेगा।
इस नोटिस के बीच SBI के शेयर की स्थिति भी चर्चा में है। शुक्रवार, 20 जनवरी को बैंक का शेयर BSE पर 1058.40 रुपये पर बंद हुआ। बैंक का मार्केट कैप 9.76 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बताया गया है। शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले एक साल में इसमें करीब 40 प्रतिशत की तेजी आई है। वहीं बीते 6 महीनों में यह 22 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुआ है।
दिसंबर 2025 के आखिर तक सरकार के पास SBI में 55.50 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में भी SBI की गिनती टॉप 10 में होती है। यानी टैक्स नोटिस की खबर बड़ी जरूर है, लेकिन बैंक की बाजार में स्थिति अब भी मजबूत मानी जा रही है।
SBI के हालिया तिमाही नतीजे भी बैंक की मजबूत स्थिति दिखाते हैं। अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 24.48 प्रतिशत बढ़कर 21,028.15 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह मुनाफा 16,891.44 करोड़ रुपये था।
शुद्ध ब्याज आय यानी NII भी 9 प्रतिशत बढ़कर 45,190 करोड़ रुपये रही। दिसंबर 2024 तिमाही में यह 41,445 करोड़ रुपये थी। वहीं शुद्ध ब्याज मार्जिन यानी NIM 3.12 प्रतिशत रहा, जो एक साल पहले 3.15 प्रतिशत था। इससे साफ है कि बैंक का मुनाफा और कमाई दोनों मजबूत बनी हुई हैं, भले ही मार्जिन में हल्की नरमी दिखी हो।
एसबीआई के लिए ₹6,338 करोड़ का टैक्स नोटिस एक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। बैंक के पास इस मांग को चुनौती देने के लिए पर्याप्त कानूनी विकल्प मौजूद हैं। बैंक का शानदार तिमाही मुनाफा और शेयरों में लगातार बढ़त यह दिखाती है कि बैंक की नींव काफी मजबूत है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।
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