Infosys Q3 Results 2026: देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस ने बुधवार को अपने तीसरी तिमाही के नतीजे पेश कर दिए हैं। अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही के लिए कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 2% गिरकर 6,654 करोड़ रुपये रह गया है, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में 6,806 करोड़ रुपये था। इन्फोसिस के मुनाफे में आई इस गिरावट के पीछे की सबसे बड़ी वजह लेबर कोड है।
लेबर कोड का पड़ा असर
कंपनी को नए लेबर कोड की वजह से 1,289 करोड़ रुपये का एकमुश्त बोझ उठाना पड़ा है। इन्फोसिस के साथ टीसीएस (TCS) और एचसीएल टेक (HCL Tech) जैसी दिग्गज कंपनियों को भी इसी तरह के वित्तीय झटकों का सामना करना पड़ा है। इस अतिरिक्त खर्च और बढ़ते बिक्री खर्चों की वजह से कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन भी दबाव में दिखा। यह पिछले साल के 21.3% से घटकर 18.4% पर आ गया है।
AI से रेवेन्यू को मिला सहारा
हालांकि, मुनाफा थोड़ा कम जरूर है, लेकिन कंपनी के रेवेन्यू में 9% की शानदार बढ़त देखी गई है। यह आंकड़ा 45,479 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कंपनी के CEO और MD सलिल पारेख ने इन नतीजों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि 'इंफोसिस टोपाज' (Infosys Topaz) के जरिए कंपनी एंटरप्राइज AI सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। आज के दौर में जब दुनिया AI की तरफ भाग रही है, इंफोसिस खुद को एक भरोसेमंद AI पार्टनर के रूप में स्थापित कर चुकी है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने रेवेन्यू गाइडेंस को बढ़ाकर 3-3.5% कर दिया है। यह इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में कंपनी को बड़े प्रोजेक्ट्स मिलने की पूरी उम्मीद है। दिसंबर तिमाही में कंपनी ने 4.8 अरब डॉलर के बड़े डील हासिल किए हैं।
इन्फोसिस का सेक्टर वार प्रदर्शन
इंफोसिस के बिजनेस पोर्टफोलियो पर नजर डालें तो अलग-अलग सेक्टर में स्थिति अलग रही। कंपनी के सबसे बड़े आय स्रोत, फाइनेंशियल सर्विसेज ने 4.8% की बढ़त दिखाई है, जबकि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 10.8% की जोरदार ग्रोथ रही। सबसे ज्यादा चमक कम्युनिकेशन सेगमेंट में दिखी और इसमें 11.6% की वृद्धि दर्ज की।
हालांकि, रिटेल सेक्टर की स्थिति थोड़ी चिंताजनक रही। इसमें 3.8% की गिरावट आई। इसका मुख्य वजह वैश्विक बाजारों में कंज्यूमर्स की घटती डिमांड और रिटेलर्स की तरफ से तकनीकी खर्च में की जा रही कटौती है। एनर्जी और यूटिलिटीज सेक्टर में भी ग्रोथ काफी धीमी रही। इन तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी का कैश फ्लो 915 मिलियन डॉलर के मजबूत स्तर पर बना हुआ है।