चांदी की चमक के आगे शेयर बाजार पड़ा फीका, 2025 में स्मॉल कैप निवेशक हुए पस्त, जानें निवेश का पूरा गणित

Gold vs Stocks performance: साल 2025 में निवेश के मामले में कीमती धातुओं ने बाजी मारी है। चांदी सबसे टॉप पर रही, जबकि स्मॉल कैप शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। बेहतर रिटर्न के लिए पोर्टफोलियो में विविधता जरूरी है।

Rishabh Shukla
अपडेटेड22 Dec 2025, 08:57 PM IST
इस साल निवेश में चांदी सबसे फायदेमंद साबित हुई
इस साल निवेश में चांदी सबसे फायदेमंद साबित हुई

Investment Returns 2025: साल 2025 के निवेश आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है। इस साल कीमती धातुओं ने इक्विटी और फिक्स्ड इनकम के मुकाबले काफी शानदार मुनाफा दिया है। चांदी इस साल निवेश का सबसे बेहतरीन जरिया बनकर उभरी है। औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश के रूप में पसंद किए जाने के कारण चांदी के दाम तेजी से बढ़े। सोने ने भी निवेशकों को निराश नहीं किया और वैश्विक अस्थिरता के बीच मजबूती बनाए रखी।

शेयर बाजार का बदला मिजाज

इक्विटी मार्केट में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिला। निवेशकों ने छोटे शेयरों के बजाय बड़ी कंपनियों (लार्ज कैप) पर ज्यादा भरोसा जताया। इसकी मुख्य वजह इन कंपनियों की मजबूत बैलेंस शीट और कमाई का भरोसा रहा। दूसरी तरफ, स्मॉल कैप सेगमेंट में इस साल तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा।

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फिक्स्ड इनकम और डेट मार्केट का हाल

कर्ज या डेट मार्केट ने इस साल निवेशकों को स्थिर रिटर्न दिया है। बाजार में बढ़ते जोखिम को देखते हुए लोगों ने सॉवरेन बॉन्ड को काफी पसंद किया। इक्विटी में उतार-चढ़ाव का फायदा भी बॉन्ड मार्केट को मिला। इसके अलावा आरबीआई के बेहतर लिक्विडिटी मैनेजमेंट और मनी मार्केट की ऊंची दरों ने भी शॉर्ट टर्म डेट के प्रदर्शन को मजबूती दी।

लंबी अवधि में कौन रहा विनर?

अगर लंबे समय के प्रदर्शन को देखें, तो सोना और चांदी महंगाई से लड़ने में सबसे असरदार साबित हुए हैं। इक्विटी ने भी अलग-अलग स्तर पर वेल्थ बनाने में मदद की है, हालांकि इसमें जोखिम और उतार-चढ़ाव अधिक रहा। वहीं, रियल एस्टेट का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। कैश की कमी और ट्रांजेक्शन की ऊंची लागत ने रियल एस्टेट के रिटर्न पर बुरा असर डाला।

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क्या है एक्सपर्ट्स की सलाह?

ट्रेंडमैप के आंकड़े साफ बताते हैं कि कोई भी एक एसेट क्लास हमेशा नंबर वन नहीं रहता। इसलिए निवेशकों के लिए डायवर्सिफिकेशन यानी अलग-अलग जगहों पर पैसा लगाना बहुत जरूरी है। जब शेयर बाजार गिरता है, तब अक्सर कीमती धातुएं सहारा देती हैं। एक ही जगह सारा पैसा लगाने के बजाय अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश करना ही समझदारी है।

Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। मिंट हिंदी आपके किसी भी निर्णय और उसके परिणाम के लिए तनिक भी उत्तरदायी नहीं है।

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