
IRFC OFS News: शेयर बाजार में इन दिनों रेलवे सेक्टर की नवरत्न कंपनी इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) सुर्खियों में है। केंद्र सरकार ने इस सरकारी कंपनी में ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपनी हिस्सेदारी कम कर रही है। बुधवार को नॉन-रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) सब्सक्रिप्शन के लिए खुला, लेकिन निवेशकों की कुछ खास हलचल नहीं रही। गैर-खुदरा निवेशकों की ओर से ठंडी प्रतिक्रिया मिलने के बाद सरकार ने अपनी योजना में बदलाव किया है।
शुरुआती योजना के मुताबिक, सरकार IRFC में अपनी 4% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में थी। इसमें 2% का बेस इश्यू था और बाकी 2% के लिए ओवरसब्सक्रिप्शन यानी ग्रीन शू ऑप्शन रखा गया था। अगर डिमांड ज्यादा होती, तो सरकार अतिरिक्त 2% हिस्सा भी बेच देती। हालांकि, बिडिंग के पहले दिन कुल 26.13 करोड़ शेयरों (2% हिस्सेदारी) के मुकाबले केवल 95% ही सब्सक्राइब हो पाए। लगभग 1.18 करोड़ शेयरों की कमी रह गई। निवेशकों की सुस्त प्रतिक्रिया को देखते हुए सरकार ने ओवरसब्सक्रिप्शन वाले अतिरिक्त 2% हिस्से को बाजार में नहीं उतारने का फैसला लिया है।
सरकार ने IRFC के लिए 104 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया था। जब बाजार में शेयर की कीमत और फ्लोर प्राइस में अंतर कम हो जाता है, तो रिक्क बढ़ जाता है। यही वजह रही कि बीते कल नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर IRFC का शेयर लगभग 4.6% लुढ़क कर 104.43 रुपये पर बंद हुआ। यानी शेयर प्राइस लगभग फ्लोर प्राइस के आसपास ही आ गया। इस ऑफर फॉर सेल में कंपनी ने कर्मचारियों का पूरा ख्याल रखा है। इस पूरे ऑफर के तहत लगभग 25,000 इक्विटी शेयर कंपनी के कर्मचारियों के लिए आरक्षित किए गए हैं। यह कुल चुकता इक्विटी कैपिटल का 0.0002% हिस्सा है।
बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें, तो IRFC का हालिया प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है। बीते एक साल में जहां निफ्टी ने करीब 13% की शानदार बढ़त दर्ज की है, वहीं IRFC के निवेशकों को लगभग 15% का नुकसान झेलना पड़ा है। टेक्निकल चार्ट पर भी यह शेयर अपने 50-डे और 200-डे मूविंग एवरेज (SMA) से नीचे ट्रेड कर रहा है। यह क्रमशः 118 रुपये और 126 रुपये हैं। जब कोई शेयर अपने लॉन्ग-टर्म एवरेज (200-day SMA) से नीचे आ जाता है, तो मार्केट में उसे मंदी के दौर का संकेत माना जाता है।
हालांकि, कंपनी का वित्तीय रिजल्ट बेहद शानदार रहे हैं। दिसंबर 2025 को खत्म हुई तिमाही में IRFC ने 1,802 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। यह साल-दर-साल आधार पर 11% की वृद्धि है। यह कंपनी के इतिहास का सबसे बड़ा तिमाही मुनाफा है। कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) भी 8% से ज्यादा सुधरा है। भारतीय रेलवे की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने वाली इस इकलौती कंपनी की कमाई 9 महीनों में 20,009 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
बता दें कि बुधवार को इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) के शेयर 4.58 प्रतिशत की भारी गिरावट के बाद 104.43 रुपये के भाव पर बंद हुए, जबकि मंगलवार को 109.44 रुपये के स्तर पर बंद हुए थे। कंपनी ने ऑफर फॉर सेल (OFS) के लिए 104 रुपये प्राइस बैंड सेट किया था, जबकि शेयर करेक्शन के बाद 104 रुपये के आसपास आ गए। यही कारण है कि निवेशकों की मजबूत प्रतिक्रिया नहीं देखने को मिली।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें, व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।
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