होली के मौके पर मंगलवार (3 मार्च) को भारतीय शेयर बाजार बंद रहे, जबकि देश के कई हिस्सों में होली 4 मार्च (बुधवार) को मनाई जाएगी। इसी वजह से ट्रेडर्स के बीच थोड़ी उलझन देखी गई।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने 3 मार्च को पूर्ण अवकाश घोषित किया है। इस दिन इक्विटी, डेरिवेटिव्स और सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) सेगमेंट में कोई कारोबार नहीं होगा। बाजार बुधवार को फिर से खुलेगा, जब कई राज्यों में रंगों की होली खेली जाएगी।
देश के सबसे बड़े गैर-कृषि कमोडिटी एक्सचेंज मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहेगा, लेकिन शाम 5 बजे से रात 11:55 बजे तक खुलेगा। वहीं नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज पूरे दिन बंद रहेगा।
छुट्टी की तारीख पर बहस
कई जगहों पर होलिका दहन 2 मार्च की रात को हुआ और कई राज्यों में होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। ऐसे में कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि बाजार की छुट्टी 3 मार्च को क्यों रखी गई।
एक्स यूजर शरद झुंझुनवाला ने कहा कि अगर त्योहार की सही तारीख पर छुट्टी न दी जाए तो उसका क्या फायदा। उन्होंने 4 मार्च को ट्रेडिंग का बहिष्कार करने की भी बात कही। उनका कहना था कि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण भी है, इसलिए कई जगह होली 4 मार्च को मनाई जाएगी।
भारतीय रिजर्व बैंक की छुट्टियों की सूची में अलग-अलग राज्यों के अनुसार तारीखें दी गई हैं। 2 मार्च को होलिका दहन, 3 मार्च को होली (दूसरा दिन), डोल जात्रा, धुलंडी या अट्टुकल पोंगला जैसे त्योहार दर्ज हैं। वहीं 4 मार्च को कुछ राज्यों में होली का दूसरा दिन, धुलेटी या याओसांग मनाया जाएगा।
हेलिओस कैपिटल के समीर अरोड़ा ने कहा कि बाजार को बुधवार को भी बंद रहना चाहिए, क्योंकि उस दिन कई जगह होली मनाई जाएगी। उनका मानना है कि दो दिन की छुट्टी से ईरान से जुड़े तनाव की स्थिति पर साफ तस्वीर मिलेगी और अनावश्यक उतार-चढ़ाव से बचा जा सकेगा।
ईरान युद्ध से बाजार में गिरावट
इस छुट्टी से पहले हफ्ते की शुरुआत काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में कमजोरी आई, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
निफ्टी 50 सोमवार को 312 अंक (1.24%) गिरकर 24,865 पर बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 1,048 अंक गिरकर 80,238 पर पहुंच गया। दिन के दौरान दोनों सूचकांक 2% से ज्यादा टूटे थे।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव रहा। निफ्टी मिडकैप 150 में 1.7% और निफ्टी स्मॉलकैप 250 में 1.9% की गिरावट आई। लार्सन एंड टुब्रो और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे शेयरों ने बाजार पर दबाव डाला। ऑटो और एनर्जी सेक्टर में ज्यादा गिरावट रही, जबकि डिफेंस, मेटल और फार्मा शेयरों में कुछ मजबूती देखने को मिली।