Crude Oil Price: मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान जंग के बीच ग्लोबल इकोनॉमी के लिए एक राहत भरी खबर आई है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और ट्रंप के बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख और सार्वजनिक हस्तक्षेप के बाद इजरायल ने अब ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला न करने का फैसला किया है। इस कूटनीतिक घटनाक्रम ने ऊर्जा संकट की आशंकाओं पर फिलहाल विराम लगा दिया है।
कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट
अमेरिकी कच्चा तेल वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) में 2% की गिरावट दर्ज की गई और यह 95 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर आ गया। वहीं, ब्रेंट क्रूड में और बड़ी गिरावट आई है। यह गुरुवार को 119 डॉलर प्रति बैरल के भाव तक पहुंच गया था, लेकिन आज सुबह इसकी कीमत घटकर 108.6 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर आ गई। कच्चे तेल की कीमतों में यह गिरावट ग्लोबल इकोनॉमी के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
इस वजह से तेल की कीमतों में आया उछाल
बता दें कि ऑयल मार्केट में यह उथल-पुथल इजरायल की तरफ से ईरान के गैस क्षेत्र को निशाना बनाने के बाद देखा गया है। इजरायल ने ईरान के गैस क्षेत्र दक्षिण पार्स पर हमला कर दिया। यह घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ इराक और तुर्की को भी गैस सप्लाई करता है। जवाबी हमले में ईरान ने कतर के रास तनुरा इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स अटैक पर कर दिया। कतर एनर्जी के CEO के मुताबिक, इस हमले से गैस इन्फ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है। इसे ठीक करने में कम से कम पांच साल का समय लगेगा। इस तबाही से कतर को हर साल लगभग 20 अरब डॉलर के राजस्व के नुकसान होने की आशंका है।
ट्रंप ने संभाली कमान
इस घटनाक्रम के बाद ट्रंप ने मोर्चा संभाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने एक बयान में कहा कि उन्होंने इजरायली राष्ट्रपति नेतन्याहू को ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला नहीं करने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा, "मैंने उनसे ऐसा न करने को कहा है और वे अब ऐसा नहीं करेंगे।" ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह भी लिखा कि इजरायल ने यह हमला गुस्से में किया था और अमेरिका को इसकी जानकारी नहीं थी।