
IT Stocks Rally Today: भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से IT सेक्टर में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के डर ने सॉफ्टवेयर कंपनियों को भारी नुकसान पहुंचाया है। लेकिन, बुधवार, 25 फरवरी के ट्रेडिंग सेशन में जोरदार तेजी देखी जा रही है। TCS, इन्फोसिस और विप्रो जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में 5 फीसदी तक की जोरदार रिकवरी देखी गई। आज के कारोबार में यह तेजी AI कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) के बड़े स्ट्रैटजिक बदलाव की वजह से आई है। इससे निवेशकों का सेंटीमेंट बदला है।
दरअसल, पिछले सप्ताह एंथ्रोपिक ने अपने क्लाउड कोड टूल का ऐलान किया था। इस ऐलान के बाद आईटी सेक्टर में हडकंप मच गया। कंपनी ने दावा किया था कि यह AI टूल दशकों पुराने कोबोल (COBOL) लैग्वेज सिस्टम्स को मॉडर्न बना सकता है और इसमें होने वाली खामियों को पहचानकर दूर करने में भी सक्षम है। लेकिन भारतीय आईटी कंपनियां इसके मेंटेनेंस और मॉडर्नाइजेशन के काम से अरबों डॉलर कमाती हैं। इस सिस्टम के आने के बाद भारतीय इंजीनियरों की जरूरत कम होगी। इसी डर से निफ्टी आईटी इंडेक्स फरवरी में 20% से ज्यादा टूट गया। यह 2008 के बाद सबसे बड़ी गिरावट थी।
इसी बीच, बुधवार को एंथ्रोपिक ने एक एंटरप्राइज एजेंट्स इवेंट आयोजित किया। इस इवेंट में कंपनी ने साफ किया है कि वह सॉफ्टवेयर सेक्टर को खत्म नहीं, बल्कि मजबूत बनाना चाहती है। एंथ्रोपिक ने सेल्सफोर्स के स्लैक, गूगल के जीमेल, डॉक्यूसाइन और इनटुइट जैसी दिग्गज साफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) कंपनियों के साथ डील कर ली है। अब इनका क्लाउड कोवर्क (Claude Cowork) प्लेटफॉर्म इन सभी टूल्स के साथ मिलकर काम करेगा। इस खबर के बाद निवेशकों का डर खत्म हुआ है।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार ने कहा, 'बाजार में अभी दो बड़े ट्रेंड चल रहे हैं । एक नेगेटिव और दूसरा पॉजिटिव, जो आने वाले दिनों में मार्केट की दिशा तय करेंगे। नेगेटिव बात ये है कि आईटी स्टॉक्स में एन्थ्रोपिक शॉक की वजह से लगातार कमजोरी बनी हुई है। पिछले एक महीने में कई बड़ी आईटी कंपनियों के शेयर 18 से 26 फीसदी तक गिर चुके हैं।
विजयकुमार ने आगे कहा कि पॉजिटिव बात ये है कि फरवरी में विदेशी निवेशक (FII) लंबे समय बाद खरीदार बन गए हैं। आईटी स्टॉक्स में लगातार बिकवाली का दौर अब खत्म होने की ओर है और यहां कुछ रिकवरी की उम्मीद जताई जा सकती है। खबरें आ रही हैं कि एन्थ्रोपिक का क्लॉड चैटबॉट सॉफ्टवेयर और सर्विसेज में आईटी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप कर रहा है। इसका मतलब है कि भारतीय आईटी फर्मों के लिए सहयोग के नए मौके खुल सकते हैं।
अगर आईटी सेक्टर की कमजोरी कम हुई और यहां रिकवरी आई, तो FII की खरीदारी का सपोर्ट मिलने से पूरा बाजार ऊपर जा सकता है। खास बात ये है कि FII की खरीदारी के पीछे मजबूत इकोनॉमी और कंपनियों की बढ़ती कमाई का ठोस आधार है। फाइनेंशियल, कैपिटल गुड्स और फार्मा जैसे सेक्टर जहां FII खरीद रहे हैं, वो मजबूत बने रहने की उम्मीद है।'
एक्सेंचर या कॉग्निजेंट जैसे ग्लोबल दिग्गज के मुकाबले TCS और इन्फोसिस की वैल्यूएशन भले ही थोड़ी महंगी दिख रही हो, लेकिन भारतीय निवेशकों का घरेलू पैसा इन कंपनियों को एक सुरक्षा कवच देता करता है। टेक्निकली निफ्टी आईटी इंडेक्स की 10 में से 7 कंपनियां ओवरसोल्ड जोन में पहुंच गई थीं। मौजूदा समय में निफ्टी आईटी इंडेक्स, निफ्टी 500 के मुकाबले अपने 8 साल के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा है। जेएम फाइनेंशियल का मानना है कि आईटी सेक्टर हमेशा से डोमैस्टिक फंड फ्लो के कारण फायदे में रहता है। हालांकि, वे अभी भी सेलेक्टिव रहने की सलाह दे रहे हैं, जिसमें इंफोसिस और मिड-कैप में Mphasis जैसे नाम शामिल हैं।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें, व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।
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