
Jio IPO: देश के सबसे चर्चित IPO में शामिल जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) IPO को लेकर अब तस्वीर तेजी से साफ होती दिख रही है। मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की टेलीकॉम, डिजिटल और टेक्नोलॉजी इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स अक्टूबर के आखिरी तक या नवंबर की शुरुआत में अपना IPO लॉन्च कर सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी नवरात्रि के दौरान शुभ दिनों में IPO लाने पर विचार कर रही है। अगर इस समयसीमा में लॉन्च नहीं हो पाया तो नवंबर के पहले हफ्ते या दिवाली के आसपास IPO लाने का विकल्प खुला रहेगा। हालांकि, कंपनी ने अभी अंतिम IPO तारीख घोषित नहीं की है।
जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित IPO का आकार करीब ₹37,700 करोड़ यानी 4 अरब डॉलर बताया जा रहा है। अगर यह इश्यू इसी आकार में बाजार में आता है तो यह भारत का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। कंपनी ने IPO के लिए करीब 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने का प्रस्ताव रखा है। ये शेयर पोस्ट-इश्यू पेड-अप कैपिटल के करीब 2.9% के बराबर होंगे। इससे जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन और भारतीय कैपिटल मार्केट में कंपनी की स्थिति पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO का एक बड़ा रेगुलेटरी पड़ाव पहले ही पूरा हो चुका है। कंपनी ने जून 2026 में अपना ड्राफ्ट IPO पेपर दाखिल किया था और 28 अगस्त 2026 को सेबी से ऑब्जर्वेशन लेटर हासिल कर लिया है। इस मंजूरी के बाद कंपनी के लिए IPO को बाजार में लाने का रास्ता काफी हद तक साफ हो गया है। अब मुख्य फोकस IPO की अंतिम तारीख, प्राइसिंग और निवेशकों के लिए इश्यू स्ट्रक्चर पर रहेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक जियो प्लेटफॉर्म्स अक्टूबर के आखिर में नवरात्रि के दौरान IPO लॉन्च करने की योजना पर काम कर रही है। 2026 में नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर को दशहरा (Dussehra) के साथ समाप्त होगी। अगर IPO की तैयारी इस समय तक पूरी नहीं होती है तो नवंबर के पहले हफ्ते में लॉन्च किया जा सकता है। इसके अलावा धनतेरस (Dhanteras) 6 नवंबर और दिवाली 8 नवंबर भी संभावित विंडो के तौर पर देखे जा रहे हैं। हालांकि, इन तारीखों को अभी संभावित समयसीमा ही माना जाना चाहिए। अंतिम तारीख कंपनी की ओर से तय और घोषित की जाएगी।
जियो प्लेटफॉर्म्स IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा अपनी ऑपरेटिंग कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम (Reliance Jio Infocomm - RJIL) के कर्ज को कम करने में इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। प्रस्ताव के मुताबिक करीब ₹27,500 करोड़ तक के RJIL लोन की प्री-पेमेंट के लिए फंड का इस्तेमाल किया जा सकता है। बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए रखी जाएगी। यानी IPO सिर्फ बाजार में जियो की लिस्टिंग का रास्ता नहीं खोलेगा, बल्कि रिलायंस ग्रुप की बैलेंस शीट और कर्ज प्रबंधन रणनीति के लिहाज से भी अहम होगा।
जियो प्लेटफॉर्म्स में पहले से कई बड़े ग्लोबल निवेशकों की हिस्सेदारी है। रिपोर्ट के मुताबिक इन बड़े निवेशकों की कुल हिस्सेदारी करीब 30.9% है। इसमें मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) से जुड़ी Jaadhu Holdings की करीब 9.98% और गूगल इंटरनेशनल के पास 7.73% हिस्सेदारी है। जियो के अन्य निवेशकों में सऊदी अरब का पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड, सिल्वर लेक और विस्टा इक्विटी की सहयोगी कंपनियां, जनरल अटलांटिक, KKR-समर्थित कंपनियां और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी के इन्वेस्टमेंट व्हीकल शामिल हैं। इन वैश्विक निवेशकों की मौजूदगी IPO के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
Jio Platforms IPO की तैयारी में घरेलू और विदेशी निवेशकों तक पहुंच बनाने पर भी जोर दे रही है। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी IPO की तारीख तय होने के बाद पहले विदेशी निवेशकों के बीच रोडशो शुरू कर सकती है। कंपनी करीब तीन हफ्ते तक अंतरराष्ट्रीय रोडशो और उसके बाद लगभग दो हफ्ते तक भारत में निवेशकों के साथ बैठकें करने की योजना पर काम कर रही है। इसका मकसद बड़े संस्थागत निवेशकों के बीच IPO को लेकर मजबूत रुचि तैयार करना है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO ऐसे समय में आ रहा है जब भारतीय IPO बाजार में 2026 की दूसरी छमाही में तेजी दिखाई दे रही है। जियो का प्रस्तावित इश्यू करीब ₹37,700 करोड़ का होने से यह पूरे प्राइमरी मार्केट के लिए बड़ा इवेंट बन सकता है। अगर Jio IPO तय आकार में आता है तो यह भारतीय शेयर बाजार में अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक इश्यू होगा। इससे रिटेल निवेशकों के साथ-साथ बड़े घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों का ध्यान भी भारतीय IPO बाजार पर और बढ़ सकता है।
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