JP Power share price: स्टॉक मार्केट में इन दिनों JP Power की चाल लगातार चर्चा में है। कंपनी के शेयर दो दिनों से तेजी में हैं, क्योंकि खबरें आ रही हैं कि दिवालिया हो चुकी जयप्रकाश असोसिएट्स (JAL) को खरीदने की दौड़ में अडाणी ग्रुप वेदांता को पीछे छोड़ सकता है। इसी उम्मीद ने निवेशकों में नया जोश भर दिया है।
JP Power में दो दिन से मजबूत तेजी
गुरुवार, 20 नवंबर को जेपी पावर के शेयर्स करीब 12% चढ़कर NSE पर ₹22.79 तक जा पहुंचे। सिर्फ दो दिनों में स्टॉक 27% से ज्यादा बढ़ चुका है, जिससे साफ दिख रहा है कि मार्केट में कंपनी को लेकर पॉजिटिव सेंटीमेंट बन गया है। एनालिस्ट्स के मुताबिक, अगर अडाणी ग्रुप JAL को खरीद लेता है, तो इसका सीधा फायदा JP Power को भी मिल सकता है क्योंकि JAL के पास कंपनी में करीब 24% हिस्सेदारी है।
क्या अडाणी की एंट्री से कंपनी की हालत सुधरेगी?
INVAsset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दासानी के मुताबिक, मार्केट को लगता है कि अगर JAL में अडाणी की पकड़ बढ़ती है, तो JP Power की बैलेंस शीट, मैनेजमेंट और ग्रोथ का रोडमैप मजबूत हो सकता है। यानी यह उछाल अभी के नंबरों से ज्यादा भविष्य की उम्मीदों पर टिका हुआ है। हालांकि दासानी ये भी कहते हैं कि असली तस्वीर तब साफ होगी जब डील की शर्तें, बैंकों की मंजूरी और JAL की हिस्सेदारी का अंतिम निपटारा तय हो जाएगा।
क्रेडिटर्स ने अडाणी की बोली क्यों चुनी?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अडाणी का ऑफर वेदांता से कम था। वेदांता ने ₹17,000 करोड़ और अडाणी ने ₹13,500 करोड़ की बोली लगाई थी। रॉयटर्स की रिपोर्ट की मानें तो बैंकों ने अडाणी को इसलिए चुना क्योंकि उनकी बोली में ज्यादा अग्रिम भुगतान शामिल था। वहीं, वेदांता की पेमेंट टाइमलाइन 5 साल तक थी, जबकि अडाणी ने 1.5–2 साल के भीतर भुगतान करने का प्रस्ताव दिया। इसी वजह से क्रेडिटर्स ने अडाणी पर भरोसा जताया।
इस दौड़ में डालमिया भारत, जिंदल पावर और PNC इंफ्राटेक भी शामिल थे। JAL के प्रमोटर मनोज गौड़ ने भी आखिरी समय में बोली लगाई थी, लेकिन बाद में वापस ले ली।
टेक्निकल चार्ट क्या कहता है?
लक्ष्मिश्री के हेड ऑफ रिसर्च अंशुल जैन बताते हैं कि जेपी पावर के शेयर चार्ट पर 22 महीने का मजबूत ‘राउंडिंग बॉटम’ पैटर्न दिखा रहे हैं। यह संकेत देता है कि स्टॉक लंबे समय बाद स्थिर मजबूती पकड़ रहा है। जैन के अनुसार ₹20 के ऊपर स्थायी क्लोजिंग बड़ा ट्रिगर होगी। इसके बाद ₹24– ₹26 का जोन पहली बड़ी बाधा माना जा रहा है। ब्रेकआउट पर वॉल्यूम बढ़े तो स्टॉक लंबी रैली पकड़ सकता है।
JP Power में तेजी सिर्फ आंकड़ों की वजह से नहीं, बल्कि अडाणी ग्रुप की संभावित एंट्री को लेकर बन रही उम्मीदों पर टिकी है। अब असली तस्वीर क्रेडिटर्स की मंजूरी और डील की शर्तों के बाद सामने आएगी। फिलहाल मार्केट का भरोसा मजबूत दिख रहा है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।