Market Analysis in Hindi: बाप रे! इस वर्ष 19,000 अंक पर गिर जाएगा निफ्टी 50? इस एक्सपर्ट का दावा तो जानिए

Stock Market Prediction: क्या शेयर बाजार के निवेशकों को इस वर्ष बीते वर्ष से भी ज्यादा बड़ा झटका लगने वाला है? एक्सपर्ट की मानें तो 2026 खत्म होते-होते बाजार में मार-काट की नौबत आ जाएगी और प्रमुख सूचकांक लहूलुहान हो जाएंगे। 

Naveen Kumar Pandey
अपडेटेड9 Feb 2026, 01:25 PM IST
शेयर बाजार में मचेगा हाहाकार? (सांकेतिक तस्वीर)
शेयर बाजार में मचेगा हाहाकार? (सांकेतिक तस्वीर)

Stock Market Analysis: भारत का शेयर बाजार पिछले वर्ष 2025 में कुछ खास मजबूती हासिल नहीं कर सका। साल की शुरुआत में 1 जनवरी, 2025 को निफ्टी 23637.65 अंक पर खुलकर 23742.90 पर बंद हुआ था। वहीं, 31 दिसंबर, 2025 को वर्ष का अंत 25971.05 अंक खुलकर 26129.60 पर बंद हुआ था। यानी एक वर्ष में निफ्टी 50 में सिर्फ 2,386.70 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रश्न है कि इस वर्ष शेयर बाजार से क्या उम्मीद है? इसका जवाब देते हुए एक्सपर्ट ने जो कहा है, वह निवेशकों में डर पैदा करने वाला है। एक्सपर्ट का कहना है कि 2026 में शेयर बाजार का बढ़ना तो बहुत दूर, गिरने की भरपूर आशंका है।

क्या शेयर बाजार में मचने वाली है मार-काट?

सोमवार को निफ्टी 50 में कारोबार 25,888.70 अंक से शुरू हुआ और खबर लिखने तक इसने 25,922.25 अंक के उच्च स्तर को छूकर 25,780.90 के निचला स्तर बनाया था। लेकिन इंडियाचार्ट्स.कॉम के संस्थापक और शेयर बाजार के रणनीतिकार रोहित श्रीवास्तव का अनुमान है कि चालू वर्ष के अंत तक निफ्टी 50 गिरकर 19,000 के स्तर पर आ जाएगा। अगर निफ्टी 50 ने वर्ष 2026 में कारोबार की शुरुआत 26173.30 अंक पर की थी। 1 जनवरी, 2026 को निफ्टी 50 सूचकांक 26146.55 पर बंद हुआ था। इस तरह, मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट रोहित श्रीवास्तव की मानें तो 31 दिसंबर, 2026 तक निफ्टी 50 में 7,146.55 अंकों की गिरावट आ जाएगी।

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आखिर निफ्टी में इतनी बड़ी गिरावट का अंदेशा क्यों?

श्रीवास्तव का कहना है कि वैश्विक उथल-पुथल निफ्टी 50 के इस डरावने प्रदर्शन की मुख्य वजह होगी। रोहित श्रीवास्तव ने मिंट से कहा, 'दुनिया भर में चल रही आर्थिक मुश्किलों की वजह से इस साल के अंत तक निफ्टी 50 गिरकर 19,000 तक आ सकता है। अभी तक तो इंडेक्स संभला हुआ है, लेकिन अंदर ही अंदर कई शेयर्स टूटने लगे हैं। इसी तरह, ग्लोबल मार्केट्स में भी बहुत ज्यादा तेजी आ चुकी थी, लेकिन अब अमेरिकी बाजार भी अपने तकनीकी पैटर्न के टूटने के बाद नीचे की तरफ फिसल गए हैं।' निफ्टी 50 ने 5 जनवरी को 26373.20 अंक का रिकॉर्ड हाई बनाया, लेकिन 27 जनवरी को 5.46% टूटकर 24932.55 अंक के न्यूनतम स्तर तक पहुंच गया था।

भारी गिरावट का इशारा कर रहा है बाजार?

अमेरिका के साथ ट्रेड डील की घोषणा के बाद भारतीय शेयर बाजार झूम उठा था, लेकिन वह शीर्ष पर रुक नहीं सका और पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से उतरता-चढ़ता ही दिख रहा है। श्रीवास्तव का कहना है कि अगर निफ्टी 50 सूचकांक सर्वोच्च स्तर की सीमा नहीं लांघ सका तो यह दबाव में ही रहेगा। उन्होंने कहा, 'जनवरी में बाजार ने जो ऊंचाई बनाई थी, वह बहुत अहम है। अगर बाजार उसे पार नहीं कर पाता है, तो इसका मतलब है कि ऊपरी स्तरों पर बाजार दबाव में रहेगा। 2025 के आखिरी तीन महीनों में बना 'एंडिंग डायगोनल पैटर्न' यह इशारा करता है कि आने वाले साल के लिए बाजार शायद अपनी सबसे बड़ी ऊंचाई बना चुका है।'

दुनिया भर में चल रही आर्थिक मुश्किलों की वजह से इस साल के अंत तक निफ्टी 50 गिरकर 19,000 तक आ सकता है। अभी तक तो इंडेक्स संभला हुआ है, लेकिन अंदर ही अंदर कई शेयर्स टूटने लगे हैं। - रोहित श्रीवास्तव, इंडियाचार्ट्स.कॉम

30,000 तक पहुंचकर गोता लगाएगा निफ्टी 50?

हालांकि, ब्याज दरों में भारी कटौती और सरकार के पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी से एनएसई का प्रमुख सूचकांक 30,000 तक का स्तर छू सकता है, लेकिन अभी के माहौल में यह संभव नहीं दिख रहा है। श्रीवास्तव ने कहा, ‘सरकारी खर्च में इजाफे और ब्याज दरों में नाटकीय रूप से कटौती से हमें 30,000 का स्तर तुरंत मिल सकता है, लेकिन ध्यान रहे कि यह हमारे बॉन्ड और करेंसी मार्केट को खतरे में डाल देगा।’

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मायूसी के दौर में कौन से सेक्टर्स बनेंगे खेवनहार?

श्रीवास्तव के मुताबिक, बैकिंग इंडेक्स ऊंचाई पर बने रहेंगे। उन्होंने मिंट को बताया, '2025 में बैंकिंग सेक्टर का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा था, इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इसमें भी बाकी बाजार जितनी ही गिरावट आएगी। इस सेक्टर में निवेशकों को अच्छी वैल्यू (कीमत के मुकाबले मजबूती) दिख रही है, इसलिए यह बाजार के मुकाबले लंबे समय तक ऊंचे स्तरों पर टिका रह सकता है।'

श्रीवास्तव ने चीनी कंपनियों के शेयरों में भी तेजी आने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा, 'मैं उन शेयरों की तलाश करूंगा जो काफी गिर चुके हैं लेकिन जिनमें अच्छा दमखम है, और ऐसा ही एक सेक्टर चीनी का है। चीनी के दाम भी कई सालों के निचले स्तर पर हैं, इसलिए हमें चीनी के कारोबार के चक्र में सुधार देखने को मिल सकता है।'

इस वर्ष कैसा प्रदर्शन करेगा रुपया?

जहां तक बात रुपया-डॉलर की बात है तो श्रीवास्तव 90 के स्तर को एक अहम पड़ाव मानते हैं। उन्होंने कहा, 'अगर रुपया 90 के स्तर से नीचे नहीं जाता है, तो मुझे लगता है कि आने वाले एक-दो सालों में रुपया कमजोर होकर 98 के स्तर तक पहुंच सकता है।'

सोमवार को बाजार ने दिखाई तेजी

बहरहाल, सोमवार को नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर कुल 3,029 शेयरों में कारोबार हो रहे थे। सोमवार को 11.02 बजे एनएसई पर लिस्टेड 2,406 में खरीदारी जबकि 533 शेयरों में बिकवाली का माहौल था जबकि 90 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बड़ी बात है कि कुल 72 शेयरों में जोरदार खरीदारी की वजह से अपर सर्किट लग गए जबकि 37 शेयरों में बंपर बिकवाली के कारण लोअर सर्किट लग गए। अगर 52 सप्ताह के उच्च स्तर की बात की जाए तो सोमवार को 51 शेयरों ने यह उपलब्धि हासिल की जबकि 43 शेयरों के भाव 52 हफ्तों के सबसे निचले स्तर पर आ गए।

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एनएसई

एंडिंग डायगोनल पैटर्न (Ending Diagonal Pattern) क्या है?

यह शेयर बाजार के चार्ट पर बनने वाला एक ऐसा विशेष आकार है, जिसे आप 'बाजार की थकान' का संकेत मान सकते हैं। जब बाजार ऊपर (या नीचे) जा रहा होता है, लेकिन उसकी ताकत धीरे-धीरे कम होने लगती है, तब यह पैटर्न बनता है। यह एक चेतावनी की घंटी है कि जो ट्रेंड अभी चल रहा है, वह अब खत्म होने वाला है और बाजार उल्टी दिशा में जाने वाला है।

एंडिंग डायगोनल पैटर्न कैसा दिखता है?

कल्पना करें कि दो लाइनें हैं जो एक दिशा में जा रही हैं, लेकिन आगे जाकर एक-दूसरे के करीब आ रही हैं (सिकुड़ रही हैं)।

शेयर के भाव ऊपर तो जा रहे हैं, लेकिन बहुत मुश्किल से।

हर नई छलांग पिछली छलांग से छोटी होती है।

यह एक 'कीप' या त्रिकोण जैसा दिखता है जो आगे से संकरा होता जाता है।

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एंडिंग डायगोनल पैटर्न (AI Image)
(Nano Banana)

एंडिंग डायगोनल पैटर्न के पीछे की कहानी

इसे एक धावक के उदाहरण से समझें। जब धावक रेस शुरू करता है, तो वह तेज दौड़ता है। यह मजबूत ट्रेंड है। लेकिन फिनिश लाइन के पास आते-आते वह थकने लगता है। वह अब भी आगे बढ़ रहा है, लेकिन उसकी गति धीमी हो गई है और कदम लड़खड़ा रहे हैं। एंडिंग डायगोनल में बाजार भी ठीक वैसा ही होता है- खरीदार अब थक चुके हैं और कीमत को और ऊपर ले जाने की ताकत नहीं बची है।

एंडिंग डायगोनल पैटर्न का क्या मतलब होता है?

अगर बाजार ऊपर जा रहा है तो यह पैटर्न बनने के बाद बाजार के धड़ाम से गिरने की संभावना बहुत ज्यादा होती है। अगर बाजार नीचे जा रहा है तो यह पैटर्न बनने के बाद बाजार के अचानक ऊपर उठने की संभावना होती है।

संक्षेप में यह बताता है कि 'पार्टी अब खत्म होने वाली है' और समझदार निवेशक यहां से निकलने की तैयारी शुरू कर देते हैं।

यह खबर मिंट से ली गई है। अंग्रेजी में यह पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Disclaimer: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। इसमें दिए गए विचार और सुझाव एक्सपर्ट के हैं, मिंट हिंदी के नहीं। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि निवेश संबंधी कोई फैसला लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञ से सलाह लें, क्योंकि बाजार की स्थितियां तेजी से बदल सकती हैं और हालात अलग-अलग हो सकते हैं।

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