Nifty 50 Target 2026: भारतीय शेयर बाजार ने साल 2025 को पॉजिटिव नोट के साथ अलविदा किया। उतार-चढ़ाव और वैश्विक दबाव के बीच निफ्टी 50 इंडेक्स ने लगातार 10वें साल बढ़त दर्ज कर एक ऐतिहासिक कीर्तिमान बनाया है। साल के आखिर तीन महीनों में मार्केट ने 6% की शानदार रिकवरी दिखाई, उसी के दम पर पूरा साल 10.5% के संतोषजनक रिटर्न के साथ बंद हुआ।
हालांकि, 2025 में बाजार के सामने अमेरिकी टैरिफ, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली सहित कई सारी चुनौतियां थी। लेकिन बुनियादी मजबूती ने बाजार को टूटने नहीं दिया। अब हम 2026 में आ गए हैं। ऐसे में हर आम निवेशक के मन में यही सवाल है कि क्या उनका पोर्टफोलियो इस साल भी नई रिकॉर्ड को छुएगा।
2025 में इन चुनौतियों से हिला बाजार
बीता साल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बनी अनिश्चितता ने बाजार पर गहरा दबाव बनाया। अमेरिका की तरफ एशियाई देशों में भारत पर सबसे ज्यादा 50% टैरिफ ने निवेशकों हिला दिया। इसके साथ ही भारतीय रुपये की गिरती कीमत और विदेशी निवेशकों की रिकॉर्ड बिकवाली ने मार्केट सेंटीमेंट को काफी प्रभावित किया।
निफ्टी ने दिखाया 30 सालों में सबसे बुरा प्रदर्शन
एशियाई बाजारों की तुलना में देखें तो 2025 में भारत का प्रदर्शन पिछले तीन दशकों में सबसे कमजोर रहा। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक,साल 1998 के बाद यह पहला साल है, जब निफ्टी 50 ने अपने अपने बराबर के दूसरे बाजारों में इतना बड़ा अंडरपरफॉर्मेंस दिखाया है। लेकिन तमाम चुनौतियों के बावजूद आखिरकारी बाजार पॉजिटिव नोट में बंद हुआ।
2026 में 30,000 तक जा सकता है निफ्टी
अगर इस साल की बात करें, तो मौजूदा समय में भारतीय बाजार ग्लोबल लेवल पर काफी आकर्षक वैल्यूएशन पर नजर आ रहा है। स्वास्तिक इन्वेस्टमेंट में रिसर्च हेड संतोष मीणा ने कहा कि जब विदेशी निवेशक (FIIs) फिर से खरीदारी शुरू करेंगे, तो बाजार की तेजी को रोकना मुश्किल हो जाएगा। 2026 के लिए अनुमान लगाया जा रहा है कि निफ्टी 50 आसानी से 29,000 से 30,000 के लेवल को छू सकता है। अगर ऐसा हुआ तो मौजूद स्तर से करीब 15% की ग्रोथ होगी।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें, व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।