Nifty 50 vs Nifty IPO: भारतीय शेयर बाजार के लिए 2026 अब तक आसान साल नहीं रहा है। एक तरफ बाजार का प्रमुख इंडेक्स Nifty 50 करीब 7% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, वहीं हाल में लिस्टेड कंपनियों पर फोकस करने वाला Nifty IPO Index करीब 17% चढ़ चुका है। यानी, दोनों इंडेक्स के प्रदर्शन में लगभग 24 प्रतिशत का अंतर है। यह अंतर ऐसे समय में आया है जब मिडिल ईस्ट में ईरान-अमेरिका युद्ध, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और ग्लोबल अनिश्चितताओं ने बड़े शेयरों पर दबाव बनाया है। बाजार जानकारों का मानना है कि इस जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन बाधित होने का सीधा असर भारत जैसे आयातक देशों के लार्ज-कैप शेयरों पर पड़ रहा है, जबकि नए आईपीओ वाली कंपनियां घरेलू लिक्विडिटी और नई ग्रोथ संभावनाओं के दम पर बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
कैसे काम करता है Nifty IPO Index? जानिए इसकी री-बैलेंसिंग प्रक्रिया
Nifty IPO Index हाल में लिस्टेड कंपनियों के प्रदर्शन को ट्रैक करता है। इसकी खासियत यह है कि इंडेक्स की कंपोजिशन स्थिर नहीं रहती है। नई पात्र कंपनियों को इसमें शामिल किया जाता है और पात्रता पूरा नहीं करने वाली कंपनियां बाहर होती रहती हैं। NSE इंडेक्सों ने 2026 में भी कई स्टेप में Nifty IPO में नई कंपनियों को शामिल किया है। फरवरी में Aye Finance और Fractal Analytics को इंडेक्स में शामिल किया गया था, जबकि मार्च और जुलाई में भी नए बदलाव किए गए। इस डायनेमिक री-बैलेंसिंग के कारण यह इंडेक्स हमेशा बाजार के सबसे फ्रेश और हाई-ग्रोथ बिजनेस ट्रेंड्स को रिफ्लेक्ट करता है।
Nifty IPO Index का दमदार प्रदर्शन
Nifty IPO ने अगस्त में 52 वीक हाई बनाया। इंडेक्स ने 28 अगस्त को 2,422.75 के लेवल पर 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर हिट किया। इसने पिछले एक महीने में 5.95 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, जबकि 6 महीने के दौरान निवेशकों को 23 प्रतिशत का रिटर्न मिला है। वहीं, साल 2026 में अब तक यह इंडेक्स 17.5 प्रतिशत से अधिक की ग्रोथ दर्ज कर चुका है। अगर एक साल के डेटा पर नजर डालें, तो निफ्टी आईपीओ इंडेक्स ने 12 फीसदी का मुनाफा दिया है। विश्लेषकों का कहना है कि यह मजबूत रिटर्न इस बात का प्रमाण है कि निवेशकों का भरोसा हालिया लिस्टेड कंपनियों के बिजनेस मॉडल और उनकी अर्निंग्स ग्रोथ पर बना हुआ है।
2026 में निफ्टी 50 इंडेक्स का कैसा रहा प्रदर्शन
वहीं, निफ्टी 50 इंडेक्स ने 5 जनवरी 2026 को 26,373.20 के लेवल पर अपना 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर छुआ था। इसके बाद से इसमें लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। इसने पिछले 1 महीने में करीब 0.5 प्रतिशत का पॉजिटिव रिटर्न दिया है, जबकि 6 महीने में 4 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है। वहीं, 2026 में अब तक यह 7.8 फीसदी गिर चुका है। पिछले एक साल की बात करें, तो निफ्टी 50 इंडेक्स ने 1.6 प्रतिशत का निगेटिव रिटर्न दिया है। इस सुस्ती के पीछे एफआईआई (FIIs) की लगातार बिकवाली और वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेत मुख्य वजह रहे हैं, जिसके चलते दिग्गज शेयरों में निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।