Gold and silver returns comparison 2025: भारतीय शेयर बाजार पिछले डेढ़ साल से 'बेस-बिल्डिंग' मोड में है। यानी बाजार एक दायरे में रहकर खुद को मजबूत कर रहा है। साल 2025 में निफ्टी 50 ने निवेशकों को 10% और सेंसेक्स ने 8% का रिटर्न दिया है। अब जानकारों का मानना है कि आगामी केंद्रीय बजट 2026 बाजार की दिशा तय करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा।
सोने और चांदी ने मारी बाजी
अगर रिटर्न की बात करें तो साल 2025 पूरी तरह से गोल्ड और सिल्वर के नाम रहा। सुरक्षित निवेश की मांग और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी की वजह से सोने की कीमतों में 66% का उछाल आया। सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गया। वहीं चांदी ने तो और भी कमाल किया और इसमें 171% की जबरदस्त तेजी देखी गई। इंडस्ट्रियल सप्लाई में कमी ने इसकी कीमतों को काफी सपोर्ट किया।
बजट से पहले निफ्टी का बड़ा टारगेट
PAC 360 के चीफ ग्लोबल स्ट्रैटेजिस्ट अमित गोयल बाजार को लेकर काफी उत्साहित हैं। उनका कहना है कि बजट 2026 से पहले निफ्टी 28,100 के लेवल को टच कर सकता है। गोयल के मुताबिक यह तेजी विदेशी निवेशकों (FII) के बजाय घरेलू निवेशकों (DII) के दम पर आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बजट में आम उपभोक्ताओं के लिए बड़े ऐलान होते हैं, तो निफ्टी 32,000 तक भी जा सकता है।
इन सेक्टर्स में दिखेगा दम
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 में कंज्यूमर-सेंट्रिक यानी उपभोक्ताओं से जुड़े सेक्टर फोकस में रहेंगे। SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट सीमा श्रीवास्तव के अनुसार, लोगों की बढ़ती कमाई और ग्रामीण इलाकों में मांग बढ़ने से कंजम्पशन सेक्टर को फायदा होगा। एक्सपर्ट्स ने कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में निवेश की सलाह दी है।
कमाई वाले टॉप स्टॉक्स
एक्सपर्ट्स ने कुछ खास शेयरों पर दांव लगाने का सुझाव दिया है...
ऑटो सेक्टर: टाटा मोटर्स (कमर्शियल व्हीकल), महिंद्रा एंड महिंद्रा और ऊनो मिंडा।
FMCG सेक्टर: हिंदुस्तान यूनिलीवर और ब्रिटानिया जैसे बड़े नाम जो बाजार के उतार-चढ़ाव में स्थिरता देते हैं।
इन्फ्रा और डिफेंस: लार्सन एंड टुब्रो (L&T), BEL और JSW इन्फ्रा। इन कंपनियों के पास बड़े ऑर्डर हैं, जिसका फायदा इनके शेयरों को मिलेगा।
Disclaimer: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। इसमें बताए गए विचार और सुझाव एक्सपर्ट के हैं, मिंट हिंदी के नहीं। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि निवेश संबंधी कोई फैसला लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञ से सलाह लें, क्योंकि बाजार की स्थितियां तेजी से बदल सकती हैं और हालात अलग-अलग हो सकते हैं।