
NSE IPO listing Date, Timeline: करीब एक दशक से NSE की लिस्टिंग का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए अब बड़ा मोड़ आ गया है। SEBI की ओर से IPO पर अंतिम ऑब्जर्वेशन मिलने के बाद एक्सचेंज लिस्टिंग की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक NSE 21 सितंबर 2026 से शुरू होने वाले हफ्ते में शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारी कर सकता है। अगर यह टाइमलाइन कायम रहती है तो सितंबर का आखिरी हिस्सा भारतीय IPO बाजार के लिए बेहद खास रहने वाला है।
NSE IPO की कीमत तय करने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक 11 सितंबर से बुक बिल्डिंग शुरू हो सकती है। इसके बाद निवेशकों से अलग-अलग कीमतों पर बोलियां ली जाएंगी और मांग के आधार पर IPO की अंतिम कीमत तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यानी निवेशकों के लिए अगला बड़ा अपडेट बुक बिल्डिंग का होगा। इसके जरिए बाजार को यह संकेत भी मिलने लगेगा कि NSE के शेयर को लेकर निवेशकों की मांग कैसी है।
बुक बिल्डिंग शुरू होने से पहले निवेशकों की सबसे बड़ी नजर प्राइस बैंड पर होगी। मिली जानकारी के मुताबिक NSE करीब 15 सितंबर को IPO का प्राइस बैंड घोषित कर सकता है। इसके बाद निवेशकों को यह पता चलेगा कि IPO में एक शेयर के लिए न्यूनतम और अधिकतम बोली कितनी कीमत के बीच लगाई जा सकेगी। हालांकि, बाजार में NSE के शेयर की संभावित कीमत को लेकर कई अनुमान चल रहे हैं। लेकिन जब तक NSE या IPO दस्तावेज में आधिकारिक प्राइस बैंड नहीं आता, तब तक किसी भी कीमत को फाइनल मानना सही नहीं होगा।
कुछ बाजार रिपोर्टों के मुताबिक NSE 25 सितंबर तक लिस्टिंग की तैयारी कर सकता है। वहीं रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार लिस्टिंग 21 सितंबर से शुरू होने वाले हफ्ते में होने की योजना है। इसका मतलब है कि सितंबर के आखिरी हफ्ते में NSE के शेयरों की बाजार में एंट्री देखने को मिल सकती है। फिलहाल यह संभावित टाइमलाइन हैं। आधिकारिक IPO नोटिस आने के बाद ही ओपनिंग, क्लोजिंग, अलॉटमेंट और लिस्टिंग की तारीखें पूरी तरह तय मानी जाएंगी।
NSE का IPO आकार के लिहाज से भी बाजार में बड़ा धमाका करने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक इश्यू करीब ₹30,000 करोड़ का हो सकता है। अगर यह अनुमान सही रहता है तो NSE भारत का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। यह इश्यू हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India) के ₹27,859 करोड़ और LIC के ₹20,557 करोड़ के IPO से बड़ा होगा। यानी NSE की लिस्टिंग सिर्फ एक कंपनी की लिस्टिंग नहीं होगी, बल्कि भारतीय IPO बाजार के लिए एक बड़ा रिकॉर्ड भी बन सकती है।
यह IPO पूरी तरह Offer for Sale यानी OFS होगा। इसके तहत मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचेंगे। कुल 14.89 करोड़ शेयर, यानी NSE की करीब 6% पेड-अप इक्विटी कैपिटल, ऑफर की जा रही है। इसमें कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी। इसका सीधा मतलब है कि IPO से जुटाई गई रकम NSE के कारोबार में नई पूंजी के तौर पर नहीं जाएगी। शेयर बेचने वाले मौजूदा निवेशकों को इस बिक्री से रकम मिलेगी।
| संभावित तारीख | क्या हो सकता है |
|---|---|
| 11 सितंबर | बुक बिल्डिंग शुरू होने की उम्मीद |
| 15 सितंबर | प्राइस बैंड की घोषणा की उम्मीद |
| 21 सितंबर वाला सप्ताह | NSE की लिस्टिंग की संभावित विंडो |
| 25 सितंबर तक | लिस्टिंग की संभावित तारीख को लेकर बाजार में चर्चा |
ये तारीखें मौजूदा मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों पर आधारित संभावनाएं हैं। अंतिम शेड्यूल NSE के आधिकारिक IPO दस्तावेजों में ही तय माना जाएगा।
अब NSE IPO को लेकर निवेशकों की नजर इन सवालों पर टिकी हुई है।
खास बात यह है कि सिर्फ बड़ा नाम होने से IPO में निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। प्राइस, वैल्यूएशन, कंपनी की कमाई और भविष्य की ग्रोथ को साथ में देखना जरूरी होगा।
Disclaimer: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि निवेश संबंधी कोई फैसला लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञ से सलाह लें, क्योंकि बाजार की स्थितियां तेजी से बदल सकती हैं और हालात अलग-अलग हो सकते हैं। मिंट हिंदी आपके किसी भी निर्णय और उसके परिणाम के लिए तनिक भी जिम्मेदार नहीं है।
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