
NSE IPO Latest GMP: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आईपीओ का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए बड़ा अपडेट आया है। एनएसई आईपीओ का आकार घटा दिया गया है। अब बहुचर्चित आईपीओ 23,500 करोड़ रुपये का आएगा। द इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार अब कंपनी ने इसके लिए 22000 से 23,500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया है। आइए जानते हैं कंपनी अपने इस आईपीओ को कब लॉन्च करने वाली है और इसका ग्रे मार्केट में जीएमपी कितना चल रहा है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आगामी आईपीओ में कुछ बड़े निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना बदल दी है। निवेशकों को उम्मीद है कि IPO की उम्मीद से कम कीमत के चलते शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद इसके भाव में अच्छी तेजी आ सकती है। रॉयटर्स के मुताबिक, मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस महीने आने वाले IPO में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन, मॉर्गन स्टेनली से जुड़ा एक फंड, एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) और सिंगापुर की महोगनी लिमिटेड समेत कुछ शेयरधारक अब पहले के मुकाबले कम शेयर बेचने की तैयारी कर रहे हैं।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के मचअवेटेड IPO का साइज पहले के अनुमान से छोटा हो सकता है। जानकारों के मुताबिक, कुछ शेयरधारकों ने आईपीओ के दौरान अपनी हिस्सेदारी बेचने से पीछे हटने का फैसला किया है। इसके चलते ऑफर फॉर सेल (OFS) का हिस्सा पहले तय किए गए 6 प्रतिशत से घटकर करीब 5.20 से 5.5 प्रतिशत रह सकता है। OFS कम होने से NSE के आईपीओ का कुल साइज भी घटकर करीब 25,000 से 27,000 करोड़ रुपये रह सकता है। पहले इसके करीब 30,000 करोड़ रुपये का होने का अनुमान था।
बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक ने एक्सचेंज वित्त वर्ष 2026 के लिए डिविडेंड हासिल किया है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की तरफ से बैंक ऑफ बड़ौदा को 76.90 करोड़ रुपये का डिविडेंड मिला है, जबकि इंडियन बैंक को 29.32 करोड़ रुपये का लाभांश मिला है।
NSE के प्रस्तावित IPO से पहले तीन बड़े शेयरधारकों ने एक्सचेंज में अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचने की योजना बनाई है। Indian Bank, New India Assurance और Bank of Baroda मिलकर NSE के 2.47 करोड़ से ज्यादा शेयर बेचने की तैयारी कर रहे हैं।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने प्रस्तावित आईपीओ प्रक्रिया के तहत 11 सितंबर, 2026 से अपने शेयरों का ISIN फ्रीज करने का फैसला किया है। यानी, इस तारीख से NSE के शेयरों के ISIN में डिपॉजिटरी सिस्टम के जरिए लेन-देन पर रोक रहेगी। NSE ने शेयरधारकों को भेजी सूचना में बताया कि उसका ISIN नंबर INE721I01024 तब तक फ्रीज रहेगा, जब तक कंपनी के शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट नहीं हो जाते और उनमें कारोबार शुरू नहीं हो जाता है।
एनएसई आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम 255 रुपये चल रहा है जो एक दिन पहले 245 रुपये था। कंपनी का अनलिस्टेड शेयर बुधवार को 2,025 रुपये पर बंद हुआ।
सूत्रों के अनुसार, आईपीओ का मूल्य दायरा 15 सितंबर को घोषित किए जाने की संभावना है, जबकि एंकर (बड़े) निवेशक 17 सितंबर को शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे। इस आईपीओ के 18 सितंबर, 21 सितंबर और 22 सितंबर को खुला रहने की संभावना है।
एनएसई आईपीओ के प्राइस बैंड को लेकर भी बाजार में चर्चा तेज है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक NSE के आईपीओ का संभावित प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर के आसपास रह सकता है। अगर शेयर की कीमत ऊपरी स्तर यानी ₹1,785 रखी जाती है, तो NSE का वैल्यूएशन करीब ₹4.4 लाख करोड़ के आसपास हो सकता है।हालांकि, अभी तक कंपनी की तरफ से आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
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