
शेयर बाजार के मचअवेटेड नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का आईपीओ अब जल्द ही खत्म होने वाला है। सेबी (SEBI) की तरफ से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद मार्केट में 1,800 से 2,100 रुपये के प्राइस बैंड की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब अनलिस्टेड मार्केट के पूरे समीकरण ही बदल गए हैं।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आरंभिक आईपीओ का आकार घटकर 25,000-27,000 करोड़ रुपये रह सकता है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बुधवार को बताया कि कुछ शेयरधारकों के बिक्री से पीछे हटने के कारण पहले प्रस्तावित छह प्रतिशत के मुकाबले बिक्री पेशकश (ओएफएस) का आकार घटकर 5.2-5.5 प्रतिशत रह सकता है।
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) का साइज पहले तय 6 प्रतिशत से घटकर 5.2-5.5 प्रतिशत रह सकता है। मामले से जुड़े लोगों ने बुधवार को बताया कि कुछ शेयरधारकों ने बिक्री से बाहर रहने का फैसला लिया है।
NSE IPO Updates: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के मचअवेटेड IPO में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) 2.48 करोड़ शेयर बेचने की तैयारी कर रहा है, जबकि MS स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड 1.6 करोड़ शेयर तक बेचेगा। ऑफर फॉर सेल (OFS) में हिस्सा लेने वाले अन्य बड़े शेयरहोल्डर्स में कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड,अरंडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) PTE लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि एक्सचेंज 11 सितंबर से बुक बिल्डिंग शुरू करने की उम्मीद कर रहा है। वहीं, प्राइस बैंड का ऐलान 15 सितंबर तक होने की संभावना है। रॉयटर्स को एक सोर्स ने नाम नहीं छापने की शर्त के साथ ये जानकारी दी।
देश के सबसे ज्यादा चर्चित एनएसई आईपीओ आम निवेशकों के लिए 18 सितंबर को खुल सकता है। वहीं एंकर निवेशकों के लिए 17 सितंबर को खुल सकता है।
राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (NSE) अपना IPO जल्द लाने की तैयारी में है। रॉयटर्स ने पिछले हफ्ते खबर दी थी कि एक्सचेंज 21 सितंबर से शुरू होने वाले सप्ताह में लिस्टिंग का टार्गेट रख रहा है। वहीं, ब्लूमबर्ग न्यूज ने मंगलवार को प्राइस बैंड की जानकारी दी थी। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि NSE ऑफर किए जाने वाले शेयरों की हिस्सेदारी को पहले की प्लानिंग के 6 प्रतिशत से घटाकर कुल इक्विटी कैपिटल का करीब 5.5 प्रतिशत कर सकता है।
एनएसई का आईपीओ पूरी तरह बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित होगा। इसके तहत एक रुपये अंकित मूल्य वाले 14.89 करोड़ तक शेयरों की बिक्री की जाएगी, जो एनएसई की कुल चुकता पूंजी का करीब छह प्रतिशत है।
समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, NSE IPO के प्राइस बैंड का ऐलान 15 सितंबर को होने की उम्मीद है। इसके बाद 17 सितंबर को एंकर बुक की घोषणा होगी।
NSE का शेयर 25 सितंबर को बाजार में लिस्ट होने की संभावना है। PTI एजेंसी के सूत्रों ने मंगलवार को ये जानकारी दी है। इसके बाद से अब निवेशकों को नजर इस आईपीओ पर बनी हुई है।
केजरीवाल रिसर्च एंड इनवेस्टमेंट सर्विसेज के फाउंडर अरुण केजरीवाल के मुताबिक, 8 सितंबर को अनलिस्टेड मार्केट में NSE का शेयर लगभग 2,050 रुपये के लेवल पर बंद हुआ था। यह इसके फेयर वैल्यू के बेहद करीब है। वहीं, 9 सितंबर को ग्रे मार्केट में NSE के शेयर 255 रुपये का प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे थे।
ऐसे में अगर 2,050 रुपये में से 255 रुपये का प्रीमियम घटा दिया जाए, तो अपर प्राइस बैंड 1,750 रुपये से ऊपर नहीं जा सकता। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर एक्सचेंज मैनेजमेंट 1,750 रुपये से ज्यादा का भाव रखता है, तो वैल्यूएशन काफी महंगा माना जाएगा और प्राइमरी मार्केट के निवेशकों के पास लिस्टिंग गेन के लिए कुछ खास नहीं बचेगा।
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