NSE IPO: ट्रेडिंग वॉल्यूम के आधार पर दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव एक्सचेंज ऑपरेटर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) अपना मचअवेटेड इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने की फाइनल तैयारियों में जुटा है। सूत्रों के मुताबिक, एक्सचेंज इस पब्लिक इश्यू के जरिए क लगभग ₹5.26 लाख करोड़ वैल्यूएशन का लक्ष्य लेकर चल रहा है। अगर यह वैल्यूएशन हासिल होता है, तो यह भारतीय कैपिटल मार्केट में एक कीर्तिमान स्थापित कर देगा।
इतना हो सकता है NSE IPO का प्राइस बैंड
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में मामले से जुड़े जानकारों के हवाले से बताया कि एक्सचेंज निवेशकों के साथ बैठकों में अपने शेयरों की संभावित कीमत ₹2,000 से ₹2,100 प्रति शेयर के रेंज में पेश कर सकता है। हालांकि, बातचीत अभी जारी है और डील में मार्केट ट्रेंड्स के अनुसार बदलाव संभव है। NSE के प्रवक्ता ने रेगुलेटरी के पास दाखिल ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के अलावा इस वैल्यूएशन पर कोई भी कमेंट करने से इनकार किया है।
ग्लोबल मीटिंग्स लगभग पूरी
रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने बोस्टन, न्यूयॉर्क, सैन फ्रांसिस्को, लंदन, सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग जैसे प्रमुख वैश्विक वित्तीय केंद्रों में 120 से अधिक बड़े अंतरराष्ट्रीय इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स के साथ बैठकें पूरी कर ली हैं। इनमें ब्लैकरॉक इंक, कैपिटल ग्रुप, जीक्यूजी पार्टनर्स, जेनस हेंडरसन और ऑलस्प्रिंग ग्लोबल इन्वेस्टमेंट्स जैसे प्रमुख नाम शामिल रहे। एक्सचेंज का ज्यादातर ग्लोबल मीटिंग पूरी हो चुकी है और अब केवल मिडिल ईस्ट की बैठकें पूरी होनी बाकी हैं।
IPO को मंजूरी में 3 सप्ताह की देरी
मार्केट रेगुलेरटरी सेबी (SEBI) से ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस को अगस्त की शुरुआत में मंजूरी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन शेयर बेचने वाले हितधारकों की लिस्ट में SBI कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड के जुड़ने से टाइमलाइन करीब तीन हफ्ते आगे बढ़ा दी गई है। नियमों के तहत ऐसे बदलावों पर 21 दिनों का पब्लिक फीडबैक समय अनिवार्य होता है। अब इस मेगा आईपीओ के सितंबर के दूसरे चरण में बाजार में आने की उम्मीद है।