NSE पर अब 1 सेकेंड में होंगे 10 करोड़ ट्रांजेक्शन, 11 अप्रैल से शुरू होगी नई सुविधा

NSE: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज 11 अप्रैल से नैनोसेकंड रिस्पॉन्स टाइम पर शिफ्ट हो जाएगा। इसमें हर सेकंड में करीब 10 करोड़ ट्रांजेक्शन पूरे हो सकेंगे। यह जानकारी कंपनी के एमडी व सीईओ आशीष कुमार चौहान ने दी है।

Jitendra Singh
अपडेटेड24 Feb 2026, 08:33 PM IST
NSE: फिलहाल NSE का रिस्पॉन्स टाइम लगभग 100 माइक्रोसेकंड है।
NSE: फिलहाल NSE का रिस्पॉन्स टाइम लगभग 100 माइक्रोसेकंड है।

NSE: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया (National Stock Exchange of India - NSE) ट्रेडिंग टेक्नोलॉजी में बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है। एक्सचेंज ने अपने रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने की तैयारी की है। इसे माइक्रो सेकेंड से नैनो सेकेंड लेवल तक ले जाने का टारगेट रखा गया है। यह 11 अप्रैल से अपने सिस्टम रिस्पॉन्स टाइम को नैनोसेकंड तक कम कर देगा। इस बदलाव से यह हर सेकंड लगभग 10 करोड़ ट्रांज़ेक्शन प्रोसेस हो जाएंगे। यह कदम भारत के सबसे बड़े एक्सचेंज के लिए सबसे बड़े टेक्नोलॉजी अपग्रेड में से एक है, क्योंकि सभी सेगमेंट में ट्रेडिंग वॉल्यूम में इजाफा हुआ है।

बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी खबर के मुताबिक, NSE के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ आशीष कुमार चौहान (Ashish Kumar Chauhan) का कहना है कि इससे एक्सचेंज हर सेकेंड करीब 10 करोड़ ट्रांजेक्शन हैंडल करने में सक्षम हो जाएगा। यह सुविधा 11 अप्रैल से लागू हो जाएगी। फिलहाल NSE का रिस्पॉन्स टाइम करीब 100 माइक्रो सेकेंड है, जिसमें प्रति सेकेंड लगभग 50 से 60 लाख ट्रांजेक्शन प्रोसेस होते हैं।

ट्रांजेक्शन में होगा 1000 गुना इजाफा

एसोसिएशन ऑफ NSE मेंबर्स ऑफ इंडिया (ANMI) के एक इवेंट में चौहान ने कहा कि नैनो सेकेंड लेवल पर जाने से स्पीड मौजूदा सिस्टम के मुकाबले करीब 1000 गुना बढ़ जाएगी। बता दें कि एक सेकेंड में 10 लाख माइक्रो सेकेंड होते हैं, जबकि नैनो सेकेंड की संख्या अरबों में होती है। यानी नैनोसेकंड एक सेकंड का अरबवां हिस्सा होता है। इससे ट्रेडिंग सिस्टम की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है। इतनी बारीक स्पीड से ऑर्डर मैचिंग और एक्जीक्यूशन में देरी लगभग खत्म हो जाएगी। चौहान ने कहा, “हम आपको नैनोसेकंड में रिस्पॉन्स टाइम देंगे। हम रियल-टाइम फाइनेंस हैं। आपकी स्पीड कई गुना बढ़ जाएगी।

यह भी पढ़ें | Stock Market Crash: सेंसेक्स 800 अंक टूटा, निवेशकों के डूबे ₹ 5 लाख करोड़

ट्रेडिंग कैपिसिटी में कैसे होगा इजाफा

बाजार में ट्रेडिंग का दबाव लगातार बढ़ रहा है। अलग-अलग सेगमेंट में एक्टिविटी तेज होने से NSE को ज्यादा वॉल्यूम संभालने की जरूरत पड़ रही है। यह अपग्रेड लेटेंसी को बहुत कम करके एक्सचेंज को भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम आसानी से मैनेज करने में मदद करेगा। ट्रेडर्स को तेज एक्जीक्यूशन मिलेगा, जिससे बाजार में और ज्यादा गतिविधि देखने को मिल सकती है।

यह भी पढ़ें | दिग्गज निवेशक विजय केडिया के पोर्टफोलियो पर भी AI की मार

हालांकि, चौहान ने यह भी चेतावनी दी कि ज़्यादा स्पीड से साइबर रिस्क बढ़ता है और उन्होंने ब्रोकर्स और वेंडर्स से अपने साइबर सिक्योरिटी फ्रेमवर्क को मज़बूत करने की अपील की है। उनका कहना था कि अगर साइबर सुरक्षा में चूक हुई तो पूरा सिस्टम ठप पड़ सकता है, इसलिए सभी टेक्नोलॉजी पार्टनर्स को इसे पहली प्राथमिकता देनी होगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती पर जोर

दरअसल, बढ़ती ट्रेडिंग डिमांड को देखते हुए NSE अपने को-लोकेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रहा है। मौजूदा समय में एक्सचेंज के पास 2000 से ज्यादा कोलो रैक्स हैं और इसे बढ़ाकर करीब 4500 रैक्स तक करने की तैयारी है। कोलोकेशन सर्विस के जरिए ट्रेडिंग मेंबर्स अपने सर्वर सीधे एक्सचेंज के डेटा सेंटर में रख सकते हैं, जिससे नेटवर्क लेटेंसी कम होती है और ऑर्डर एग्जिक्यूशन बेहद तेज हो जाता है। बता दें कि यूजर के एक्शन और सिस्टम के रिस्पॉन्स के बीच जो टाइम लगता है उसे लेटेंसी कहते हैं। यह सुविधा खास तौर पर हाई फ्रीक्वेंसी और इंस्टीट्यूशनल ट्रेडर्स के लिए बेहद अहम मानी जाती है।

यह भी पढ़ें | Share Market Today: दलाल स्ट्रीट पर गिरावट या तेजी?

NSE ला रहा है नए प्रोडक्ट

चौहान ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से वेंडर्स सस्ते और कारगर सॉल्यूशंस बना सकते हैं। साथ ही, NSE अब नए प्रोडक्ट्स भी लाने की तैयारी में है। इसमें बिजली फ्यूचर्स और गोल्ड फ्यूचर्स शुरू हो रहे हैं। कॉन्ट्रैक्ट्स फॉर डिफरेंस (CFD) पर भी काम चल रहा है। 10 ग्राम गोल्ड फ्यूचर्स को सेबी से मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही ट्रेडिंग शुरू होने वाली है।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

होममार्केटNSE पर अब 1 सेकेंड में होंगे 10 करोड़ ट्रांजेक्शन, 11 अप्रैल से शुरू होगी नई सुविधा
More