
NSE Q2 Results 2025: देश की सबसे बड़ी स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही का रिजल्ट जारी कर दिया। इस दौरान कंपनी ने बताया कि उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट महज 2098 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की समान में 3137 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। या इसमें 33 प्रतिशत की गिरावट आई है। गिरावट की बड़ी वजह कोलोकेशन और डार्क फाइबर मामलों में सेबी के साथ सेटलमेंट रही है।
NSE को ऑपरेशन से रेवेन्यू में भी झटका लगा है। मौजूदा वित्तीय वर्ष दूसरी तिमाही में यह 4510 करोड़ रुपये से घटकर 3677 करोड़ रुपये रह गई है। यानी इसमें सालाना आधार पर 18 प्रतिशत की गिरावट आई है। एक्सचेंज ने बताया कि उसका EBITDA 56 प्रतिशत लुढ़ककर 1,484 करोड़ रुपये पर आ गया, जबकि पिछले साल यह 3,344 करोड़ था। मार्जिन भी 340 बेसिक पॉइंट्स कम होकर 40 प्रतिशत रह गया, जबकि पिछले साल 74 प्रतिशत था।
कंपनी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही तक उसका प्रति शेयर कमाई (Earnings per Share) 8.48 रुपये था, जबकि पिछले साल की समान तिमाही के दौरान यह 12.6 रुपये था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने जानकारी दी कि मौजूदा वित्तीय वर्ष की पहली छमाही के दौरान उसके ट्रेजरी में 28,308 करोड़ रुपये का योगदान दिया। इसमें सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स और कमोडिटी ट्रांजेक्शन टैक्स के रूप में 23451 करोड़, स्टांप ट्यूटी 1651 करोड़, सेबी फीस 496 करोड़, इमकम टैक्स 1809 करोड़ और GST 901 करोड़ रुपये शामिल हैं।
बता दें कि जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही में ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी गिरावट आई है। रिपोर्ट की गई तिमाही के दौरान कैश मार्केट सेगमेंट का एवरेज डेली ड्रेडिंग वॉल्यूम 12 प्रतिशत गिरा है। यह 95,705 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इक्विटी फ्यूचर्स का एडीटीवी 16 प्रतिशत घटकर 1,41,042 करोड़ रुपये और इक्विटी ऑप्शंस (प्रीमियम वैल्यू) का एडीटीवी भी 16 प्रतिशत कम होकर 46,442 करोड़ रुपये रह गया।
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