Ola Electric Share Price: शेयर बाजार में भारी अनिश्चितता के बीच इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरर कंपनी ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों के लिए अप्रैल का महीना काफी शानदार साबित होता दिख रहा है। एक तरफ व्यापक बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, तो दूसरी तरफ ओला इलेक्ट्रिक में जोरदार खरीदारी हो रही है। इस स्टॉक में पिछले 6 महीने से भारी बिकवाली हो रही थी, लेकिन अब फिर से यह उठ खड़ा हुआ है। अप्रैल महीने में ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में लगभग 70% की रिकॉर्ड रिकवरी हुई है। शुक्रवार को भी इसमें 8% का उछाल दर्ज किया गया।
6 महीने में 85% टूटा स्टॉक
ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में गिरावट का सिलसिला पिछले साल अक्टूबर में शुरू हुआ था और मार्च 2026 तक जारी रहा। इस दौरान शेयर ने अपनी वैल्यू का लगभग 85% खो दिया था। 2 मार्च 2026 को यह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 21.21 रुपये के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था, जिससे निवेशकों को लगभग 9,000 करोड़ रुपये का झटका लगा था। लेकिन अब स्थिति बदली नजर आ रही है।
ओला के शेयरों में क्यों एक्टिव हुए बायर्स?
ओला के शेयरों में इस अचानक उछाल के पीछे का सबसे बड़ा कारण मार्च के बिक्री आंकड़े हैं। फरवरी में कंपनी के केवल 3,973 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ था, वहीं मार्च में यह आंकड़ा बढ़कर 10,117 यूनिट्स तक पहुंच गया। यानी, सेल्स में ढाई गुना से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही, मार्च के आखिरी हफ्ते में डेली ऑर्डर्स की संख्या 1,000 के पार निकल गई। कंपनी ने अपनी सबसे बड़ी कमजोरी, 'आफ्टर-सेल्स सर्विस' पर भी काम करना शुरू कर दिया है। कंपनी का दावा है कि अब 80% से ज्यादा वाहनों की सर्विसिंग सेम डे में कर दी जाती है। इस कदम से ग्राहकों और निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।
ओला इलेक्ट्रिक शेयर प्रदर्शन
शुक्रवार, 10 अप्रैल को ओला इलेक्ट्रिक के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 8.5% से ज्यादा की बढ़ोतरी के साथ 39.75 रुपये के स्तर पर पहुंच गए। अप्रैल महीने में इसमें लगभग 70% का उछाल आया है। वहीं, पिछले 1 महीने के दौरान 60% से अधिक का उछाल आया है। हालांकि, 6 महीने की अवधि में 21% से ज्यादा का नुकसान हुआ है, जबकि 1 वर्ष के दौरान 22% से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें, व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।