देश में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री नवंबर महीने में सालाना आधार पर 19.71 प्रतिशत बढ़कर 3,94,152 इकाई पर पहुंच गई। इसमें कार, यूटिलिटी व्हीकल और वैन शामिल हैं। वाहन डीलरों के संगठन फाडा (FADA) के अनुसार, यह बढ़त खास इसलिए मानी जा रही है क्योंकि अक्टूबर में दिवाली-धनतेरस की खरीदारी का बड़ा हिस्सा नवंबर में पंजीकृत हुआ। फाडा के अध्यक्ष सी.एस. विग्नेश्वर ने कहा कि ये आंकड़े ग्राहकों के विश्वास और देश के वाहन बाजार की ढांचागत मजबूती का प्रमाण हैं। साथ ही वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में की गयी कटौती का भी असर रहा।
दुपहिया वाहनों की बिक्री में गिरावट
जहां पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट ने मजबूती दिखाई, वहीं दुपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री नवंबर में 3.10 प्रतिशत घटकर 25,46,184 इकाई रह गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, महंगाई का दबाव, ग्रामीण मांग की सुस्ती और पहले से हुई खरीदारी इसका प्रमुख कारण हो सकता है। हालांकि जीएसटी दरों में कटौती से कुल ऑटो सेक्टर को कुछ राहत मिली है, लेकिन इसका असर दुपहिया सेगमेंट में सीमित ही नजर आया।
ट्रैक्टर और तिपहिया ने दी मजबूती
नवंबर में कुल वाहन खुदरा बिक्री 2.14 प्रतिशत बढ़कर 33,00,832 इकाई पहुंच गई। तिपहिया वाहनों की बिक्री 23.67 प्रतिशत बढ़कर 1,33,951 इकाई रही, जबकि ट्रैक्टर बिक्री में जबरदस्त 56.55 प्रतिशत की उछाल के साथ यह आंकड़ा 1,26,033 इकाई तक पहुंच गया। वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में भी 19.94 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, हालांकि वाणिज्यिक इक्विपमेंट्स में 16.51 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।