PFC-REC Merger News: सरकार के मालिकाना हक वाली पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) और नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी REC Ltd के मर्जर को लेकर बड़ी अपडेट आई है। शुक्रवार, 6 फरवरी को PFC के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने REC के मर्जर प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अब इस विलय के बाद भी PFC कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत सरकारी कंपनी बनी रहेगी। PFC और REC के मर्जर को लेकर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की यह मंजूरी रविवार को केंद्रीय बजट में की गई घोषणा के बाद आई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में सार्वजनिक क्षेत्र की NBFC कंपनियों के पुनर्गठन का संकेत दिया था।
विलय के बाद भी REC बनी रहेगी सरकारी कंपनी
शेयर बाजार को दी गई एक्सचेंज फाइलिंग में PFC ने कहा, 'निदेशक मंडल ने बजट घोषणा का संज्ञान लेते हुए पीएफसी और आरईसी के विलय के रूप में पुनर्गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। यह विलय इस शर्त के साथ होगा कि विलय के बाद भी पीएफसी कंपनी अधिनियम, 2013 और अन्य लागू कानूनों के तहत 'सरकारी कंपनी' बनी रहे।'
2019 में PFC ने REC में खरीदी थी 52.63% हिस्सेदारी
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) से मिली सैद्धांतिक मंजूरी के तहत पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) ने मार्च, 2019 में REC में सरकार की 52.63 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण 14,500 करोड़ रुपये में किया था। इसके बाद से ही REC, PFC की सहायक कंपनी के रूप में काम करती रही है।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहीं थी ये बातें
बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट 2026-27 भाषण में कहा था, ‘विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए NBFC के लिए स्पष्ट ऋण वितरण और प्रौद्योगिकी अपनाने के लक्ष्य तय किए गए हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की एनबीएफसी कंपनियों का पैमाना बढ़ाने और दक्षता सुधारने के लिए पहले कदम के तौर पर पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और आरईसी के पुनर्गठन का प्रस्ताव है।’