FII Selling Indian Stock Market: नये साल का आगाज हो गया है, लेकिन अभी तक विदेशी निवेशकों का मूड नहीं बदला है। जनवरी 2026 में FIIs ने भारतीय शेयर बाजार में 8,400 करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली की है। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े शेयरों की कीमतें फिलहाल औसत स्तर पर हैं और तीसरी तिमाही (Q3) की कमाई के अनुमान मजबूत दिख रहे हैं। इसके बावजूद विदेशी निवेशकों ने कैश मार्केट में भारी पैमाने पर शेयर बेचे हैं। जुलाई 2025 से अभी तक बिकवाली जारी है।
मोतीलाल ओसवाल के रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 में रिकॉर्ड 18.8 अरब डॉलर की बिकवाली हुई है। बिकवाली की वजह से भारतीय शेयर बाजार बुरी तरह से डगमगा रहा है। इसी बीच US टैरिफ की वजह से भारत अमेरिकी ट्रेड डील भी होने में देरी हो रही है। हालांकि, इसके बाद भी, Q3 की उम्मीदें चमक रही हैं। JM फाइनेंशियल का मानना है कि निफ्टी कंपनियों का PAT करीब 9.8% बढ़ सकता है, और अगर BFSI सेक्टर को छोड़ दें तो यह ग्रोथ लगभग 16.2% तक जा सकती है।
सेक्टर-वाइज तस्वीर भी काफी दिलचस्प है:
- IT सेक्टर से लगभग 10% ग्रोथ की उम्मीद है।
- ऑटो सेक्टर धमाकेदार प्रदर्शन कर सकता है, करीब 33% ग्रोथ।
- मेटल्स में लगभग 25% की बढ़त दिख रही है।
- टेलीकॉम सेक्टर तो सबसे आगे है, यहां 64% ग्रोथ का अनुमान है।
- इंडस्ट्रियल्स भी मजबूत हैं, करीब 31% ग्रोथ की उम्मीद।
वहीं एक्सिस सिक्योरिटीज का अनुमान है कि कंपनियों का रेवेन्यू 11.8%, EBITDA 9.7% और PAT 3.7% तक बढ़ सकता है। बता दें कि US टैरिफ और रुपये की गिरावट ने भारतीय शेयर बाजार पर काफी दबाव बढ़ाया है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या मजबूत Q3 कमाई FIIs को वापस ला पाएगी?
FIIs की वापसी पर एक्सपर्ट की राय
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के VK विजयकुमार का कहना है कि कमाई अच्छी रहेगी, लेकिन अगर ट्रेड डील नहीं हुई तो हालात मुश्किल हो सकते हैं। ऐसे में व्यापार घाटा बढ़ेगा और रुपये पर दबाव आएगा। वहीं कोटक सिक्योरिटीज के शरिकांत चौहान को भरोसा है कि अगर कंपनियों की कमाई सुधरी तो FIIs का रुख बदल सकता है। रिलीगेयर ब्रोकिंग के अजित मिश्रा भी इसी राय से सहमत हैं। उनका कहना है कि फाइनेंशियल्स, इंडस्ट्रियल्स और कंजम्प्शन सेक्टर से री-रेटिंग हो सकती है।