Rekha Jhunjhunwala Portfolio: मशहूर इन्वेस्टर और दिवंगत स्टॉक मार्केट दिग्गज राकेश झुनझुनवाला की पत्नी रेखा झुनझुनवाला ने फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही में टाटा ग्रुप के होटल स्टॉक, इंडियन होटल्स में अपनी हिस्सेदारी लगभग 1% कम कर दी है। इससे इस बात के संकेत मिलते हैं कि रेखा झुनझुनवाला का कंपनी पर भरोसा कम हुआ है। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों की भी कंपनी में दिलचस्पी कम हुई है।
BSE पर उपलब्ध डेटा के मुताबिक, इंडियन होटल्स के स्टॉक के खराब प्रदर्शन के बीच, रेखा झुनझुनवाला ने इस तिमाही में कंपनी के 1,45,23,200 शेयर बेच दिए हैं। ये शेयर कंपनी में 1.02% हिस्सेदारी के बराबर हैं। इंडियन होटल्स की ओर से दिए गए दिसंबर के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, अब झुनझुनवाला के पास कंपनी के 1,42,87,765 शेयर या 1% हिस्सेदारी है।
इन कंपनियों में भी है रेखा झुनझुनवाला की हिस्सेदारी
इंडियन होटल्स के अलावा, टाटा ग्रुप के कई दूसरे स्टॉक जैसे टाटा मोटर्स CV, टाटा मोटर्स PV, टाटा कम्युनिकेशंस और टाइटन भी रेखा झुनझुनवाला के स्टॉक पोर्टफोलियो का हिस्सा है। ट्रेंडलाइन डेटा के अनुसार, झुनझुनवाला के पास सार्वजनिक रूप से 27 स्टॉक हैं, जिनकी नेट वर्थ ₹45,023 करोड़ से ज़्यादा है, और उन्होंने अपनी लगभग सभी होल्डिंग्स में अपना हिस्सा बरकरार रखा है।
विदेशी निवेशकों ने भी घटाई हिस्सेदारी
रेखा झुनझुनवाला के साथ-साथ विदेशी निवेशकों ने भी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी पर कैंची चला दी है। ट्रेंडलाइन के मुताबिक, दिसंबर 2025 की तिमाही में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 26.14% से घटकर 25.09% हो गई है। इससे पता चलता है कि विदेशी निवेशकों की भी कंपनी में दिलचस्पी कम हो गई है।
इंडियन होटल्स के शेयर का प्रदर्शन
इंडियन होटल्स के शेयर की कीमत एक साल में 17 फीसदी की गिावट देखने को मिली है। वहीं BSE सेंसेक्स में 6.5% की बढ़ोतरी हुई है। पिछले छह महीनों में, टाटा ग्रुप के इस स्टॉक में 14 फीसदी की गिरावट आई है, जबकि BSE बैरोमीटर में 1.4% की गिरावट आई है। सालाना आधार पर भी अगर नजर डालें तो कंपनी के शेयर का प्रदर्शन खराब रहा। हालांकि, लॉन्ग टर्म में, इंडियन होटल्स एक मल्टीबैगर स्टॉक बनकर उभरा है। इस शेयर ने पांच सालों में निवेशकों को 443 फीसदी का रिटर्न दिया है। वहीं 10 साल में 550 फीसदी का रिटर्न दिया है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें, व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।