Reliance Industries Share Price: रिलायंस के शेयरों में 4% की भारी गिरावट, निवेशकों को ₹35,000 करोड़ का नुकसान

Reliance Industries Share: शेयर बाजार में आज रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। इसकी वजह से शेयरों में 4% से ज्यादा की गिरावट आई है। 

Shivam Shukla
पब्लिश्ड6 Apr 2026, 01:08 PM IST
 रिलायंस के शेयरों में 4% की भारी गिरावट, निवेशकों को  <span class='webrupee'>₹</span>35,000 करोड़ का नुकसान
रिलायंस के शेयरों में 4% की भारी गिरावट, निवेशकों को ₹35,000 करोड़ का नुकसान

Reliance Industries Share Price: भारतीय शेयर बाजार में आज उथल-पुथल के बीच देश की सबसे ज्यादा मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में बड़ी गिरावट आई है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर इसके शेयर 4.13% तक टूटकर 1,295 के स्तर पर आ गए। रिलयांस के शेयरों में इस गिरावट की वजह से इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 18 लाख करोड़ रुपये से कम होकर 17.65 लाख करोड़ रुपये हो गया है। रिलायंस के शेयरों में आई इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण जियो-पॉलिटिकल टेंशन है।

इस वजह से RIL के शेयरों में आई गिरावट

दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध की आहट ने कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता पैदा कर दी है। दुनिया का बड़ा तेल व्यापार होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होता है। ऐसे में वहां जारी तनाव से तेल की किल्लत का डर बढ़ गया है। रिलायंस एक बड़ा रिफाइनिंग हब ऑपरेट करता है, ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर मुनाफे को प्रभावित करता है। पिछले दो हफ्तों में कंपनी का शेयर 8% से ज्यादा टूट चुका है।

यह भी पढ़ें | सावधान दिल्ली! अब गोदाम से नहीं मिलेगा सिलेंडर, सरकार ने बदले नियम

सरकार ने बढ़ाई एक्सपोर्ट ड्यूटी

जानकारों का कहना है कि सरकार की तरफ से डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगाए गए टैक्स ने रिलायंस की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। सरकार ने डीजल पर 21.50 रुपये प्रति लीटर और ATF पर 29.50 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क फिर से लागू कर दिया है। जेफरीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस कदम से रिलायंस जैसी स्टैंडअलोन रिफाइनिंग कंपनियों के लिए डीजल और एटीएफ का स्प्रेड $20 प्रति बैरल तक सीमित हो सकता है। जब रिफाइनिंग मार्जिन पर दबाव आता है, तो निवेशकों को भविष्य की कमाई घटने का अंदेशा होने लगता है, जिसके चलते वे अपने शेयर बेचने को मजबूर हो जाते हैं।

यह भी पढ़ें | भारत में सोना-चांदी हुआ सस्ता, खरीदने से पहले जान लीजिए ताजा भाव

क्या SEZ रिफाइनरी पर लागू नहीं टैक्स?

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि रिमपोज्ड विंडफॉल टैक्स रिलायंस की एसईजेड (SEZ) रिफाइनरी पर लागू नहीं होगा। सिटी रिसर्च की रिपोर्ट कहती है कि रिलायंस के कुल डीजल प्रोडक्शन का 75% और जेट फ्यूल प्रोडक्शन का 35% हिस्सा उसकी एसईजेड यूनिट से आता है। अगर यह हिस्सा टैक्स के दायरे में नहीं आता है, तो कंपनी पर पड़ने वाली रियल टैक्स लायबिलिटी काफी हद तक कम हो सकत है।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें, व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

होममार्केटReliance Industries Share Price: रिलायंस के शेयरों में 4% की भारी गिरावट, निवेशकों को ₹35,000 करोड़ का नुकसान
More