
Reliance Industries Target Price: पिछले सप्ताह रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) की 48वीं सालाना आम बैठक (AGM) हुई। इस दौरान मुकेश अंबानी ने भविष्य के लिए कई बड़े ऐलान किए। इनमें कैपिटल इन्वेस्टमेंट, ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस का विस्तार और शेयर बाजार में टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो की लिस्टिंग शामिल है। मुकेश अंबानी ने 29 अगस्त को हुई AGM में ऐलान किया कि अगले साल की पहली छमाही में जियो का आईपीओ आने की उम्मीद है। इस घोषणा के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में दबाव देखने को मिल रहा है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म्स RIL के शेयरों पर बुलिश रुख अपना रहे हैं और अगले एक साल में 25 प्रतिशत तक की तेजी आने की संभावना जता रहे हैं।
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटी ने RIL के शेयरों को खरीदने की सलाह दी है। ब्रोकरेज ने अगले एक साल के लिए 1733 रुपये का टार्गेट प्राइस सेट किया है, जो मौजूदा कीमतों से करीब 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी की ओर इशारा कर रहा है। रिलायंस अपने ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस में विस्तार करने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने कहा कि साल 2032 तक न्यू एनर्जी से होने वाली कमाई O2C के बराबर हो जाएगी। इसके साथ ही रिटेल बिजनेस में भी अच्छी ग्रोथ की संभावना दिख रही है।
RIL ने साल 20232 तक ग्रीन हाइड्रोजन में 3 मिलियन मीट्रिक टन सालाना की क्षमता प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है, जो मौजूदा ग्लोबल कैपिसिटी के बराबर है। इसके लिए कंपनी को 75 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी की आश्यकता होगी। इसके साथ ही कंपनी ने 3 गीगावाट का इलेक्ट्रोलाइजर बनाएगी, जो ग्लोबल कैपिसिटी का 50 प्रतिशत है। इसके अलावा, कंपनी 40 गीगावाट-घंटे की बैटरी फैसिल्टी शुरू करने की योजना बनाई है।
वहीं, घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने जियो प्लेटफॉर्म की वैल्यूएशन 13.3 लाख करोड़ रुपये का अनुमान लगाया है। जियो की कुल इक्विटी वैल्यू 11.9 लाख करोड़ रुपये होगी। बाजार नियामक SEBI ने अपने हालिया प्रस्ताव में 2.5 प्रतिशत स्टेक डाइल्यूशन लिमिट करने की बात कही है। इस आधार पर जियो का IPO देश का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। इसका साइज 30000 करोड़ रुपये तक हो सकता है। घरेलू ब्रोकरेज ने कहा कि जियो के आईपीओ से होने वाला वैल्यू क्रिएशन RIL की हिस्सेदारी पर किसी भी होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट के निगेटिव इफेक्ट को कम कर सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।