
निवेशक और रिच डैड, पुअर डैड किताब के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने रविवार को चेतावनी दी कि दुनिया एक ऐतिहासिक आर्थिक संकट की ओर बढ़ रही है। उन्होंने लोगों से कहा कि लोग रियल एसेट्स में निवेश करें।
उन्होंने एक्स (X) पर लिखा, “याद दिला दूं: मैंने अपनी किताब Rich Dad’s Prophecy में दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक संकट की भविष्यवाणी की थी। वह संकट इसी साल आएगा। बेबी बूमर पीढ़ी की रिटायरमेंट बचत खत्म हो जाएगी। कई लोग बेघर हो जाएंगे या अपने बच्चों के घर के बेसमेंट में रहेंगे। यह दुखद है।”
कियोसाकी ने कहा कि वे लंबे समय से लोगों को चेतावनी दे रहे हैं कि छपे हुए पैसे या नकद बचाने के बजाय रियल एसेट्स में निवेश करें। उन्होंने लिखा, “कई सालों से मैं कह रहा हूं कि ‘सेवर्स आर लूजर्स।’ यानी जो लोग सिर्फ पैसे बचाते हैं, वे नुकसान में रहते हैं, क्योंकि महंगाई उनकी बचत की कीमत कम कर देती है।”
उन्होंने लोगों को सोना, चांदी और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “कई सालों से मैं कह रहा हूं कि सोना, चांदी, बिटकॉइन और हाल ही में एथेरियम में निवेश करें। आज मुझे लगता है कि चांदी और एथेरियम सबसे अच्छे विकल्प हैं, क्योंकि ये न केवल मूल्य बनाए रखते हैं बल्कि उद्योगों में भी इस्तेमाल होते हैं और फिलहाल इनकी कीमतें कम हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “कृपया चांदी और एथेरियम के फायदे और नुकसान दोनों को समझें, चाहे उनके समर्थकों से सुनें या विरोधियों से, और फिर अपने समझ के अनुसार निवेश करें। ऐसा करने से आपकी आर्थिक समझ बढ़ेगी और आप अमीर बनेंगे।”
उनकी यह चेतावनी तब आई जब प्रमुख क्रिप्टोकरेंसीज में भारी गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन से आने वाले “किसी भी अहम सॉफ्टवेयर” पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद हुई। इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ गया।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की घोषणा के 24 घंटे के भीतर 19 अरब डॉलर से ज्यादा की सट्टेबाज़ी खत्म हो गई। बिटकॉइन की कीमत 10% गिरकर 1,10,000 डॉलर से नीचे चली गई और बाद में थोड़ी रिकवरी कर 1,13,096 डॉलर पर पहुंची।
एथेरियम 11.2% गिरकर 3,878 डॉलर पर आ गया। अन्य क्रिप्टोकरेंसी जैसे XRP, डॉज और एडा में भी क्रमशः 19 फीसदी, 27 फीसदी और 25 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि बीजिंग ने दुनिया के लिए एक बेहद शत्रुतापूर्ण पत्र भेजा है और लगभग हर उत्पाद पर बड़े पैमाने पर निर्यात नियंत्रण लगाए हैं। इससे एक बार फिर व्यापार युद्ध छिड़ने का डर बढ़ गया है।
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदारी नहीं है।)
Oops! Looks like you have exceeded the limit to bookmark the image. Remove some to bookmark this image.