SBI Funds Management IPO: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की सहायक कंपनी SBI फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड को लेकर बड़ी खबर आई है। भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए सेबी के पास दस्तावेज जमा कर दिए हैं। कंपनी की तरफ से दाखिल किए गए डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, यह आईपीओ पूरी ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। यानी कंपनी बाजार से कैपिटल नहीं जुटा रही है, बल्कि मौजूदा प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी कम करने जा रहे हैं। SBI और इसकी पार्टनर फ्रांसीसी कंपनी अमुंडी (Amundi) इस आईपीओ के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।
20.37 करोड़ शेयरों का होगा ऑफर
दस्तावेजों के मुताबिक, SBI और अमुंडी एसए कुल मिलाकर 20.37 करोड़ शेयर बाजार में उतारेंगे। यह कंपनी की 10% हिस्सेदारी के बराबर है। मौजूदा समय में इस जॉइंट वेंचर में भारतीय स्टेट बैंक की 61.76% और अमुंडी की 36.26% हिस्सेदारी है। इस बिक्री के बाद इन दोनों दिग्गजों की हिस्सेदारी कम होगी, लेकिन मालिकाना हक इन्हीं के पास बना रहेगा। इसके अलावा, कंपनी के जॉइंट सीईओ डी.पी. सिंह के पास भी 0.1% की छोटी हिस्सेदारी है।
पिछले साल ही IPO लाने का हो गया था ऐलान
SBI फंड्स मैनेजमेंट ने अगस्त 2025 में ही आईपीओ लाने का ऐलान कर दिया था। उस दौरान SBI चेयरमैन सी.एस. शेट्टी ने संकेत दिया था कि बैंक अपनी कुछ सहायक कंपनियों, जैसे कि एसबीआई जनरल इंश्योरेंस और एसबीआई म्यूचुअल फंड को लिस्ट कराने पर विचार कर रहा है। उस वक्त न तो कोई टाइम लाइन तय थी और न ही वैल्यूएशन पर कोई स्पष्टता थी। हालांकि, तीन महीने बाद दोनों पार्टनर्स ने 2026 में लिस्टिंग की घोषणा की।
इन बैंकर्स से हाथों में आईपीओ की कमान
बता दें कि SBI फंड्स मैनेजमेंट ने कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, जेएम फाइनेंशियल और मोतीलाल ओसवाल जैसे बड़े नामों को बैंकर नियुक्त किया है। इसके साथ ही, ग्लोबल लेवल पर बैंक ऑफ अमेरिका, एचएसबीसी और जेफरीज भी इस प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें, व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।