
मुंबई: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की म्यूचुअल फंड शाखा एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड (SBI Funds Management Ltd) का आईपीओ (IPO) खुल चुका है। यह आईपीओ प्राइमरी मार्केट से लगभग 10,000 करोड़ रुपये जुटाने के लक्ष्य के साथ आया है। बाजार में इस बड़े इश्यू को लेकर निवेशकों के बीच जबरदस्त हलचल देखी जा रही है, खासकर उन लोगों के लिए जिनके पास पहले से एसबीआई के शेयर मौजूद हैं।
इस मेगा आईपीओ के लिए कंपनी ने प्रति शेयर 545 रुपये से 574 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश की सीमा एक लॉट तय की गई है, जिसमें 26 शेयर शामिल हैं। यानी, निवेशकों को कम से कम एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा। निवेशक इस मेनबोर्ड इश्यू में 16 जुलाई तक पैसा लगा सकते हैं।
यह पूरा आईपीओ ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत लाया गया है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए कोई नए शेयर जारी नहीं कर रही है, बल्कि इसके मौजूदा प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी बाजार में बेच रहे हैं। इस प्रक्रिया के तहत प्रमोटर्स की ओर से कुल 20.37 करोड़ से ज्यादा इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे। इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) अपनी 6.3% हिस्सेदारी के बराबर यानी लगभग 12.83 करोड़ शेयर बेच रहा है, जबकि इसकी दूसरी पार्टनर अमुंडी इंडिया होल्डिंग (Amundi India Holding) अपनी 3.7% हिस्सेदारी के तहत करीब 7.54 करोड़ शेयर बाजार में ऑफलोड कर रही है।
इस आईपीओ की सबसे खास बात यह है कि इसमें एसबीआई के मौजूदा शेयरधारकों को प्राथमिकता दी जा रही है। कंपनी ने अपने योग्य शेयरधारकों के लिए कुल 1.3 करोड़ इक्विटी शेयर अलग से सुरक्षित रखे हैं। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से इस रिजर्व कोटे की कीमत करीब 750 करोड़ रुपये बैठती है। यह नियम उन निवेशकों के लिए एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है, जो सामान्य रिटेल कोटे के अलावा भी इस आईपीओ में अपनी अलॉटमेंट की संभावनाओं को बढ़ाना चाहते हैं।
इस विशेष कोटे का फायदा उठाने के लिए निवेशकों के पास 7 जुलाई 2026 तक एसबीआई के शेयर होने अनिवार्य थे, जो कि कंपनी के रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (RHP) फाइल करने की कट-ऑफ तारीख थी। इसके साथ ही, आवेदन करने वाले निवेशक का पैन (PAN) बैंक के रिकॉर्ड में अपडेट होना चाहिए और उनके पास एक वैध डीमैट खाता होना भी जरूरी है।
बाजार नियामक सेबी (SEBI) के नियमों के मुताबिक, इस आईपीओ में कई कैटेगरियों के लिए कोटा निर्धारित किया गया है। कुल इश्यू का 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए, 35% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स (RII) के लिए और 15% हिस्सा नॉन-इन्स्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए आरक्षित है।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) आज 91 रुपये से अधिक चल रहा है है। आईपीओ अपर प्राइस बैंड और ग्रे मार्केट के मौजूदा प्रीमियम को देखते हुए, कंपनी के शेयर की अनुमानित लिस्टिंग कीमत 665 रुपये प्रति शेयर रहने की उम्मीद है। यह कीमत आईपीओ प्राइस 574 रुपये से करीब 15.85 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि, जीएमपी में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है और यह पूरी तरह से बाजार की मौजूदा स्थिति पर निर्भर करता है।
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