SBI Share Price Target: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। रिपोर्ट की गई तिमाही के दौरान बैंक का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 10.2 प्रतिशत 21,121 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में 19,160 करोड़ रुपये रिकॉर्ड किया गया था। जून 2026 ऋण वृद्धि और डिजिटलाइजेशन के दम पर बैंक के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला है। बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) में सालाना आधार पर 14.4% की तेजी दर्ज की गई और यह बढ़कर 46,992 करोड़ रुपये रही। वहीं, बैंक की कुल आय 6.3% बढ़कर 1,43,819 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
SBI के शेयर को खरीदने की सलाह
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंक का प्रॉविजन से पहले का मुनाफा (PPOP) 9.8% की सालाना ग्रोथ के साथ 33,529 करोड़ रुपये रहा। वहीं, प्रति शेयर आय (EPS) 21.5 रुपये से बढ़कर 22.9 रुपये दर्ज किया गया। भारतीय स्टेट बैंक के मजबूत प्रदर्शन और स्टेबल नेट इंट्रेस्ट मार्जिन (NIM) के आउटलुक को देखते मार्केट एक्सपर्ट इसे खरीदने की सलाह दे रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि आगामी समय में SBI अपने निवेशकों को 16 फीसदी से अधिक का रिटर्न दे सकता है।
SBI शेयर प्राइस टार्गेट (SBI Share Price Targe)
घरेलू ब्रोकरेज फर्म जियोजीत इन्वेस्टमेंट लिमिटेड ने अपने हालिया रिपोर्ट में SBI के शेयरों पर Hold रेटिंग को अपडेट करते हुए Buy रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने अगले 12 महीनों के लिए नया टार्गेट 1240 रुपये प्रति शेयर का सेट किया है। यह इसके मौजूदा शेयर प्राइस 1065.50 रुपये से 16 प्रतिशत से अधिक है। एनालिस्टों का मानना है कि MSME ड्रीम योजना, योनो (YONO) ऐप के अपग्रेडेशन और M&A लेंडिंग के मौकों से बैंक की ग्रोथ रेट को आगे भी सहारा मिलेगा। इसके साथ ही नई कलेक्शन वर्टिकल और सब्सिडियरी कंपनियों में वैल्यू अनलॉकिंग से शेयरधारकों को लॉन्ग टर्म में बेहतर रिटर्न मिल सकता है।
SBI शेयरहोल्डिंग पैटर्न
बता दें कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का मौजूदा मार्केट कैपिटल 985, 830 करोड़ रुपये है। इसके शेयरों ने 1235 रुपये के स्तर पर अपना 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर छुआ था, जबकि 799 रुपये 52 सप्ताह का न्यूनतम स्तर है। इसने पिछले एक साल में अपने शेयरधारकों को 1.6 प्रतिशत का डिविडेंड यील्ड दिया है। बैंक में 55.5 फीसदी प्रमोटर्स की हिस्सेदारी है, जबकि 10.8 फीसदी हिस्सेदारी विदेशी निवेशकों के पास मौजूद है।
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