Sebi NSE Co Location Settlement: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के खिलाफ चल रहे सभी लंबित मामलों को बंद करने के लिए 1,491.2 करोड़ रुपये के सेटलमेंट प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। किसी भी संस्थान की तरफ से यह अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय समझौता है। इस फैसले के साथ ही देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज के लंबे समय से अटके हुए इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO)का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
1,491.21 करोड़ में हुई डील
शेयर बाजार नियामक SEBI ने 30 जुलाई 2026 को भेजे एक ऑफिशियल ईमेल के जरिए से NSE को बताया कि वह डील की शर्तों को मानने के लिए तैयार है। इस सेटलमेंट डील के तहत NSE को 714.74 करोड़ रुपये की अतिरिक्त रकम का भुगतान करना होगा। इससे पहले एक्सचेंज 776.47 करोड़ रुपये सेबी के पास पहले ही जमा करा चुका है, जिसे कुल 1,491.21 करोड़ रुपये की निपटान राशि में समायोजित किया जाएगा।
सेटलमेंट के बाद वापस लिए जाएंगे सभी केस
NSE ने कहा कि इस पूरे 1,491.21 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रभाव का प्रावधान 31 मार्च 2026 को खत्म हुए वित्त वर्ष के वित्तीय खातों में पहले ही किया जा चुका है। ऐसे में इस फैसले से वर्तमान वित्तीय स्थिति पर कोई नया अप्रत्याशित दबाव नहीं पड़ेगा। जैसे ही सेबी औपचारिक निपटान आदेश पारित करेगा, सुप्रीम कोर्ट में लंबित संबंधित याचिकाओं को वापस ले लिया जाएगा।
क्या है को-लोकेशन और डार्क फाइबर विवाद?
बता दें को-लोकेशन मामले में आरोप था कि कुछ चुनिंदा ब्रोकर्स को NSE के ट्रेडिंग सर्वर के बेहद करीब अपने सर्वर स्थापित करने की अनुमति दी गई थी। इससे उन्हें आम निवेशकों के मुकाबले कुछ मिलीसेकंड्स पहले मार्केट्स डेटा एक्सेस करने में मदद मिलती थी, जिससे वे अनुचित वित्तीय लाभ कमा रहे थे। इसी से जुड़ा दूसरा मामला डार्क फाइबर विवाद का था, जिसमें कुछ विशेष ट्रेडिंग फर्मों को हाई-स्पीड नेटवर्क एक्सेस देने का आरोप था। इन आरोपों के कारण NSE पिछले एक दशक से कई जांच समितियों, अपील ट्रिब्यूनल और कोर्ट की कार्रवाई में उल्झा हुआ था। गुरुवार के समझौते ने इस एक दशक लंबी बाधा को लगभग खत्म कर दिया है।
इस साल आ सकता है NSE का आईपीओ
गौरतलब है कि नियामक संबंधी सभी बाधाएं दूर होने के बाद अब दलाल स्ट्रीट की निगाहें NSE के आईपीओ पर टिक गई हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) इस साल बाजार से 26,000 करोड़ रुपये से अधिक की रिकॉर्ड रकम जुटाने की तैयारी कर रहा है।