
IPO Lock-In Rules: भारतीय शेयर बाजार में इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की धूम मची हुई है। इसी बीच, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) लॉक-इन नियमों में बदलाव को लेकर बड़ा प्रस्ताव पेश किया है। सेबी लॉक-इन नियमों को आसान बनाने की तैयारी कर रही है। इससे कंपनियों की लिस्टिंग में तेजी आएगी, जबकि निवेशकों को सही-सही जानकारी मिलेगी।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में SEBI चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने कहा कि मौजूदा प्री-IPO लॉक-इन सिस्टम काफी जटिल है। अब बड़े शेयरधारकों और प्रमोटर्स को छोड़कर बाकी मौजूदा निवेशकों पर सख्ती कम की जाएगी। ये वे लोग हैं जो कंपनी के फैसलों पर असर नहीं डाल सकते। उन्होंने आगे कहा कि यह कदम छोटे शेयरधारकों को राहत देगा। अभी तक लॉक-इन की वजह से कई दिक्कतें आती रही हैं। सेबी का मानना है कि इससे IPO प्रक्रिया आसन बनेगी। यह बदलाव लिस्टिंग में हो रही देरी को रोकेगा। सेबी का जोर है कि प्रक्रिया पारदर्शी और तेज बने। इससे कंपनियां जल्दी बाजार में उतर सकेंगी।
बता दें कि साल 2025 में अब तक 300 से ज्यादा कंपनियों ने सार्वजनिक पेशकश (IPO) के जरिए 16.55 अरब डॉलर (1,467,994,102,500) जुटाए हैं। LSEG के डेटा के मुताबिक, यह डेटा मार्केट में बूम को दिखाता है। साल के आखिर तक और ज्यादा लिस्टिंग की उम्मीद है। हालांकि, कुछ निवेशक और एनालिस्ट वैल्यूएशन को लेकर चिंता जता रहे हैं। महंगाई का डर बना हुआ है। पांडे ने साफ किया कि SEBI वैल्यूएशन में दखल नहीं देती। उसका फोकस मजबूत डिस्क्लोजर पर है।
SEBI के प्रस्ताव के मुताबिक, IPO लाने वाली कंपनियां पब्लिक ऑफर डॉक्यूमेंट्स की समरी अपलोड करें। इससे निवेशकों को मुख्य जानकारी आसानी से मिल सकेगी। पांडे ने कहा कि ऑफर डॉक्यूमेंट की समरी निवेशकों के सामने अहम डिटेल्स लाएगा। यह कदम समझ को बेहतर बनाएगा। निवेशक बिना भ्रम के फैसला ले सकेंगे।
यह प्रस्ताव बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखकर लाया गया है। सेबी का लक्ष्य है कि IPO प्रक्रिया निवेशक-अनुकूल बने। पारदर्शिता बढ़ेगी और विश्वास कायम रहेगा। कुल मिलाकर, ये बदलाव भारतीय शेयर बाजार को और मजबूत बनाएंगे। IPO की रफ्तार बनी रहेगी, लेकिन रिस्क कम होंगे। SEBI की यह पहल मार्केट प्लेयर्स के लिए पॉजिटिव संकेत है।
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