Share market : आज भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। मजबूत अमेरिकी जॉब्स डेटा और आईटी सेक्टर की बिकवाली ने निवेशकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। नतीजा यह हुआ कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों धड़ाम से नीचे आ गए और निवेशकों की दौलत से ₹2.8 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
पहले BSE सेंसेक्स 700 से ज्यादा अंक गिरकर 83,516 के आसपास देखा गया था। हालांकि बाजार बंद होने तक सेंसेक्स 559 अंक नीचे बंद हुआ, जबकि निफ्टी 150 अंक से ज्यादा गिरकर 25,850 के नीचे फिसल गया। हफ्ते की शुरुआत में निफ्टी ने 26,000 का स्तर छुआ था, लेकिन आज की गिरावट ने सारी तेजी मिटा दी।
IT सेक्टर में भारी बिकवाली
सबसे ज्यादा मार आईटी शेयरों पर पड़ी। Nifty IT करीब 4% लुढ़क गया। इन्फोसिस, HCL टेक्नोलॉजीज, विप्रो और Mphasis जैसे दिग्गज 4-5% तक टूटे। इस गिरावट से करीब ₹1.3 लाख करोड़ का मार्केट कैप साफ हो गया। बताया जा रहा है कि अमेरिकी AI स्टार्टअप Anthropic के नए टूल ने टेक सेक्टर में बेचैनी बढ़ाई है। जियोजित इंवेस्टमेंट्स के डॉ. वीके विजयकुमार का कहना है कि टेक शेयरों में जल्दी रिकवरी की उम्मीद कम है।
अमेरिकी जॉब्स डेटा का असर
जनवरी के अमेरिकी जॉब्स डेटा उम्मीद से बेहतर रहा। इससे अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत मिला, लेकिन साथ ही फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द रेट कट की उम्मीद कमजोर हो गई। CME Group के FedWatch टूल के मुताबिक जून में रेट स्थिर रहने की संभावना 41% तक पहुंच गई है।
HUL की गिरावट ने बढ़ाया दबाव
हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड 5% टूटकर इंडेक्स पर दबाव बना गया। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट FY26 की तीसरी तिमाही में 30% गिरकर ₹2,188 करोड़ रहा। हालांकि रेवेन्यू 5.6% बढ़कर ₹16,441 करोड़ रहा, लेकिन EBITDA मार्जिन 70 बेसिस पॉइंट घटकर 23.3% पर आ गया।
प्रॉफिट बुकिंग और टेक्निकल फैक्टर
50 शेयरों वाला निफ्टी चार दिन की बढ़त के बाद फिसल गया। Enrich Money के सीईओ पोनमुदी आर के मुताबिक 25,800 के नीचे टिके रहने पर 25,700-25,600 की ओर हल्की गिरावट संभव है। वहीं 26,000 के ऊपर मजबूत क्लोजिंग से ही तेजी लौट सकती है।
जियोपॉलिटिकल टेंशन
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों को सतर्क किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ परमाणु समझौता न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। इस बयान से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी।