MCap of top 10 companies: शेयर बाजार में पिछले हफ्ते उतार-चढ़ाव का असर देश की सबसे बड़ी कंपनियों पर भी साफ दिखा। सेंसेक्स की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से छह के बाजार पूंजीकरण में कुल मिलाकर तीन लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियों पर देखने को मिला।
पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 953.64 अंक यानी 1.14 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। इस गिरावट ने कई बड़ी कंपनियों की बाजार हैसियत को प्रभावित किया।
IT कंपनियों को सबसे ज्यादा नुकसान
समीक्षाधीन सप्ताह में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का बाजार मूल्यांकन 90,198.92 करोड़ रुपये घटकर 9,74,043.43 करोड़ रुपये रह गया। वहीं इन्फोसिस को 70,780.23 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और उसका मूल्यांकन घटकर 5,55,287.72 करोड़ रुपये पर आ गया।
स्पष्ट है कि आईटी सेक्टर में निवेशकों की बिकवाली का असर इन दिग्गज कंपनियों पर भारी पड़ा।
बैंकिंग और ऊर्जा कंपनियों पर भी दबाव
एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 54,627.71 करोड़ रुपये घटकर 13,93,621.92 करोड़ रुपये रह गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मूल्यांकन 41,883 करोड़ रुपये घटकर 19,21,475.79 करोड़ रुपये पर आ गया।
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का बाजार पूंजीकरण 23,971.74 करोड़ रुपये घटकर 5,46,226.80 करोड़ रुपये रह गई, जबकि भारती एयरटेल का मूल्यांकन 19,244.61 करोड़ रुपये घटकर 11,43,044.03 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
किन कंपनियों को मिला फायदा?
जहां छह कंपनियों को झटका लगा, वहीं कुछ कंपनियों ने मजबूती भी दिखाई। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का बाजार मूल्यांकन 1,22,213.38 करोड़ रुपये बढ़कर 11,06,566.44 करोड़ रुपये हो गया।
बजाज फाइनेंस की बाजार हैसियत 26,414.44 करोड़ रुपये बढ़कर 6,37,244.64 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। लार्सन एंड टुब्रो का मूल्यांकन 14,483.9 करोड़ रुपये बढ़कर 5,74,028.93 करोड़ रुपये हो गया। ICICI बैंक की बाजार हैसियत 5,719.95 करोड़ रुपये बढ़कर 10,11,978.77 करोड़ रुपये हो गई।
टॉप 10 की रैंकिंग में कौन आगे?
सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, इन्फोसिस और एलआईसी का स्थान रहा।
पिछले हफ्ते की गिरावट यह दिखाती है कि बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। हालांकि कुछ कंपनियों ने मजबूती दिखाई, लेकिन कुल मिलाकर बड़े खिलाड़ियों को झटका लगा है। आने वाले हफ्तों में बाजार की दिशा पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।