
Donald Trump Iran Statement: यूएस और ईरान के बीच चल रहा सीजफायर बुधवार को खत्म होने जा रहा है। ऐसे में भारतीय शेयर बाजार से लेकर आम आदमी की रसोई तक,हर चीज इस बात से प्रभावित होने वाला है कि यह सीजफायर बढ़ेगा या फिर खत्म हो जाएगा। अगर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों पर नजर डाले तो ट्रंप सीजफायर बढ़ाने के मूड में नहीं है। सीजफायर के खत्म होने से एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यूएस बातचीत करने की मजबूत स्थिति में है और आखिर में वो एक बड़ी डील पर पहुंचेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने CNBC से कहा कि हम पूरी तरह से तैयार हैं। हमारे पास बहुत सारा गोला-बारूद है, हर चीज बहुत ज्यादा मात्रा में है। हमने इस समय का इस्तेमाल अपने साजो-सामान को फिर से भरने के लिए किया है और शायद उन्होंने भी थोड़ा-बहुत साजो-सामान फिर से भरा होगा। हम आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं। सेना पूरी तरह से तैयार है और बस आदेश का इंतजार कर रही है।
ट्रंप ने आज मंगलवार को CNBC को दिए इंटरव्यू में सीजफायर के आगे बढ़ने की बात पर कहा कि मैं ऐसा नहीं करना चाहता। हमारे पास इतना समय नहीं है। तेहरान के साथ जल्द ही कोई डील नहीं हुई तो अमेरिका ईरान पर अपने हमले फिर से शुरू कर देगा। मुझे उम्मीद है कि बमबारी होगी क्योंकि मुझे लगता है कि ये एक बेहतर एटीट्यूड है। लेकिन हम जाने के लिए तैयार हैं। मेरा मतलब है, मिलिट्री जाने के लिए तैयार है। ट्रंप की चेतावनी के बाद अंदाजा लगाया जा सकता है कि अगर डील साइन नहीं हुई, तो फिर से युद्ध हो सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को ये चेतावनी शेयर बाजार के लिए रेड अलर्ट है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FIIs) अपना पैसा भारतीय बाजार से निकालकर सुरक्षित निवेश (जैसे डॉलर या सोना) की ओर ले जा सकते हैं। इसके अलावा आईटी और फार्मा जैसे एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड सेक्टर पर दबाव बढ़ सकता है, जबकि डिफेंस सेक्टर के शेयरों में हलचल दिख सकती है। निवेशकों के लिए सलाह है कि वे फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की नीति अपनाएं।
ट्रंप की चेतावनी के बाद गिफ्ट निफ्टी करीब 150-160 अंक नीचे ट्रेड कर रहा है। ये इशारा है कि कल सुबह 9:15 बजे भारतीय बाजार (Nifty और Sensex) गिरावट के साथ खुल सकते हैं।
भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। ट्रंप की चेतावनी और ईरान द्वारा 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को ब्लॉक करने की धमकी से कच्चे तेल की कीमतें $100 के पार जा सकती हैं। अगर युद्ध शुरू होता है, तो भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी उछाल आना तय है। इसके अलावा ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने से फल, सब्जियां, दूध और राशन की कीमतों में 10% से 20% तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जो सीधे तौर पर आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ देगी।
युद्ध की आहट होते ही निवेशक सेफ हेवन यानी सोने की तरफ भागते हैं। ट्रंप के इस बयान के बाद सोने की कीमतों में तेजी आने की पूरी संभावना है। भारतीय निवेशकों के लिए जो लोग सुरक्षित निवेश ढूंढ रहे हैं, उनके लिए सोना और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं।
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