Stock Market Outlook 13 April 2026: भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार, 10 अप्रैल को बढ़त के साथ बंद हुआ। बैंकिंग, ऑटो और कंज्यूमर शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी 50 में 275.50 अंक की तेजी आई और यह 1.16 प्रतिशत बढ़कर 24,050.60 पर बंद हुआ। वहीं, BSE सेंसेक्स 918.60 अंक या 1.20 प्रतिशत चढ़कर 77,550.25 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार का मूड पूरे दिन पॉजिटिव रहा और आखिर तक बायर्स हावी दिखे। लेकिन, सोमवार, 13 अप्रैल को फिर से भारी गिरावट के संकेत मिल रहे हैं। दरअसल, ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता (US Iran Talks Fail) विफल रही, जिसके बाद कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जोरदार उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर के पार पहुंच गई।
एशियाई बाजारों में गिरावट
सोमवार, 13 अप्रैल को एशियाई बाजारों में गिरावट देखी जा रही है। जापान का प्रमुख इंडेक्स निक्केई 486.77 अंक या 0.86% टूटकर 56,437.34 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स 5.12 अंक या 0.14% लुढ़ककर 3,734.73 के लेवल पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, साउथ कोरिया का कोस्पी 55.46 अंक या 0.95% कमजोर होकर 5,803.41 के लेवल पर कामकाज कर रहा है, जबकि कोस्डैक 3.78 अंक या 0.35% की मामूली बढ़त के साथ 1,097.41 के लेवल पर कारोबार कर रहा है।
US Market Updates
अमेरिकी बाजार में पिछले कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को डॉव जॉन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 269.23 अंक या 0.56% गिरकर 47,916.57 के लेवल पर बंद हुआ था, जबकि S&P 500 इंडेक्स 7.77 अंक या 0.11% कमजोर होकर 6,816.89 के लेवल पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डैक कम्पोजिट 80.48 अंक या 0.35% चढ़कर 22,902.90 के लेवल पर बंद हुआ।
गिफ्ट निफ्टी 1% से ज्यादा की गिरावट
आज गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) में भारी गिरावट देखी जा रही है। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद लेवल से लगभग 350 अंकों या 1% से ज्यादा की गिरावट के साथ 23760 के करीब कारोबार कर रहा है। ऐसे में आज दलाल स्ट्रीट पर बड़ी गैप-डाउन ओपनिंग हो सकती है।
अमेरिका ईरान शांति वार्ता विफल (US Iran Talks Failed)
पाकिस्तान में हुई 21 घंटे की ऐतिहासिक बातचीत में अमेरिका- ईरान के बीच शांति समझौता नहीं हो सका, जिससे दो सप्ताह के लिए लागू सीजफायर के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। दोनों पक्ष वार्ता विफल होने के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका द्वारा अपना 'अंतिम और सर्वोत्तम प्रस्ताव' प्रस्तुत किए जाने के बावजूद ईरानी पक्ष ने युद्ध खत्म के लिए वाशिंगटन की शर्तों को स्वीकार नहीं किया।
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