
Share market today: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार, 8 जनवरी को हल्की गिरावट के साथ खुलने की उम्मीद है। एशियाई बाजारों से मिले मिले-जुले संकेत और गिफ्ट निफ्टी के शुरुआती रुझान ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिससे बाजार का मूड पहले से ही दबाव में है।
गुरुवार सुबह गिफ्ट निफ्टी करीब 26,184 के आसपास ट्रेड करता दिखा, जो पिछले बंद स्तर से करीब 42 अंक नीचे है। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि बाजार की शुरुआत हल्की कमजोरी के साथ हो सकती है। निवेशकों का रुख फिलहाल निगेटिव से न्यूट्रल बना हुआ है।
बुधवार को लगातार तीसरे दिन बाजार में गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 102 अंक टूटकर 84,961 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 भी 38 अंक फिसलकर 26,140 के आसपास बंद हुआ। हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में थोड़ी मजबूती दिखी, जिससे यह साफ हुआ कि खरीदारी पूरी तरह गायब नहीं हुई है, बल्कि निवेशक चुनिंदा शेयरों पर फोकस कर रहे हैं।
एशियाई बाजारों में गुरुवार सुबह मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई 0.46% नीचे खुला। साउथ कोरिया का कोस्पी 0.12% ऊपर रहा। ऑस्ट्रेलिया का ASX/S&P 200 इंडेक्स 0.21% बढ़ा। हांगकांग का हैंग सेंग कमजोर शुरुआत की ओर बढ़ा। इन मिले-जुले संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिख सकता है। वॉल स्ट्रीट पर भी तस्वीर साफ नहीं रही। डाउ जोंस में तेज गिरावट आई, जबकि टेक शेयरों के सहारे नैस्डैक थोड़ी मजबूती में बंद हुआ।
अमेरिका और वेनेजुएला से जुड़ी खबरें भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। तेल को लेकर बातचीत और सप्लाई से जुड़े संकेतों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी देखने को मिली है। ब्रेंट और WTI दोनों में दो दिन की गिरावट के बाद रिकवरी आई, जिससे एनर्जी शेयरों पर नजर बनी रहेगी।
हालिया तेजी के बाद सोने में मुनाफावसूली देखने को मिली और कीमतों में एक फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। चांदी में भी तेज फिसलन दर्ज की गई। डॉलर इंडेक्स फिलहाल स्थिर बना हुआ है, क्योंकि निवेशक अमेरिका से आने वाले लेबर मार्केट डेटा का इंतजार कर रहे हैं।
आज के कारोबार में निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की चाल और जियोपॉलिटिकल अपडेट्स पर रहेगी। घरेलू स्तर पर किसी बड़े ट्रिगर की कमी के चलते बाजार स्टॉक-स्पेसिफिक मूवमेंट दिखा सकता है। कमाई के सीजन से पहले फिलहाल “वेट एंड वॉच” की रणनीति हावी रह सकती है।
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