
Share Market Prediction for 2 September: भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के दूसरे दिन भी गिरावट देखने को मिली। मार्केट में आई बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। विदेशों से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को बिकवाली का जोर रहा और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक पांच सप्ताह के निचले स्तर पर बंद हुआ। आज भारत ही नहीं एशिया के कई शेयर बाजार लाल निशान पर बंद हुए। ऐसे में अब निवेशक कल यानी 2 सितंबर के लिए शेयर बाजार पर नजर बनाए हुए हैं और जानने की कोशिश कर रहे हैं कि कल सेंसेक्स और निफ्टी की चाल कैसी रहेगी?
शेयर बाजार में आ रही गिरावट की सबसे बड़ी वजह WTI क्रूड की कीमतों में इजाफा है। आज WTI क्रूड की कीमत 2 फीसदी बढ़ गई। वहीं MCX पर क्रूड ऑयल फ्यूचर्स 8,300 रुपये प्रति बैरल के ऊपर बंद हुआ। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच जमीनी हमलों की खबरों और दोनों देशों के बीच बढ़ती बयानबाजी ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है, जिससे निवेशकों के मन में डर बैठ गया है और इसका असर शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है।
सेंसेक्स 37 अंक की तेजी में 76,994 अंक पर खुलने के बाद ऊपर 77,231 अंक और नीचे 76,656 अंक तक गया। अंत में 12.99 अंक (0.02 प्रतिशत) टूटकर 76,944.28 अंक पर बंद हुआ। यह 27 अगस्त के बाद का इसका निचला स्तर है। वहीं निफ्टी-50 भी आज लाल निशान पर रहा। आज कारोबार के अंत तक इसमें 0.10 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और 24,055.80 अंक पर बंद हुआ। ये 28 जुलाई के बाद का इसका निचला बंद स्तर है।
Religare Broking के SVP-Research अजित मिश्रा के मुताबिक, निफ्टी फिलहाल 24,000 के स्तर को बचाने की कोशिश कर रहा है,लेकिन फिलहाल कमजोर ट्रेंड बना हुआ है। ऐसे में 23,900 से 23,800 का जोन अगला महत्वपूर्ण डाउनसाइड जोन हो सकता है। वहीं,ऊपर की तरफ 24,150 से 24,250 तक अहम रेजिस्टेंस माना जा रहा है। ऐसे में बाजार में फिलहाल तेजी पर खरीदारी के बजाय sell on rise की रणनीति अपनाने की सलाह दी गई है।
वहीं बैंक निफ्टी में मंगलवार को दबाव ज्यादा रहा, जिसकी वजह से वो 57,409 पर गिरकर बंद हुआ। LKP Securities के टेक्निकल और डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट वत्सल भुवा ने बताया कि इंडेक्स फिलहाल 200-DMA के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं, 20-DMA और 50-DMA करीब 57,600 के आसपास हैं। बैंक निफ्टी के लिए 57,000 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट है।
भारतीय बाजार के साथ मंगलवार को ज्यादातर एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही। हांगकांग का हैंग सेंग 0.93 फीसदी, चीन का शंघाई कंपोजिट 0.16 फीसदी और जापान का निक्केई 0.15 प्रतिशत टूट गया। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.92 फीसदी और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.55 फीसदी फिसल गया।
| इंडेक्स | सपोर्ट लेवल | रेजिस्टेंस लेवल |
|---|---|---|
| Nikkei 225 | 65,800 / 65,320 / 64,380 | 66,805 / 67,298 / 68,290 |
| KOSPI | 6,740 / 6,580 / 6,400 | 6,940 / 7,080 / 7,200 |
| Hang Seng | 25,180 / 24,960 / 24,800 | 25,475 / 25,660 / 25,750 |
कल यानी 2 सितंबर को एक बार फिर से कच्चे तेल की कीमत निवेशकों के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर रहेगी। अगर मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता है और क्रूड में और तेजी आती है,तो इससे भारतीय बाजार में गिरावट देखने को मिल सकती है।बाजार में अभी स्पष्ट तेजी के बजाय सावधानी का माहौल है। वैश्विक संकेत कमजोर रहने, क्रूड महंगा होने और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की स्थिति में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े दांव लगाने के बजाय रिस्क मैनेजमेंट पर ध्यान देना जरूरी होगा।
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