शेयर बाजार में इन दिनों छोटे और मिड-साइज प्राइवेट बैंकों की काफी चर्चा हो रही है। वजह है कि हाल ही में विदेशी निवेशकों ने इन बैंकों में बड़े सौदे किए हैं और साथ ही रिजर्व बैंक की नीतियों ने कर्ज देने को बढ़ावा दिया है। कम कीमत पर तेजी से बढ़त दिखा रहे ये बैंक अब निवेशकों की नजर में खास जगह बना रहे हैं।
क्यों बढ़ रही विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी?
हाल ही में ब्लैकस्टोन ने फेडरल बैंक में करीब ₹6,197 करोड़ लगाकर 9.99% हिस्सेदारी खरीदी। वहीं Warburg Pincus और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने मिलकर IDFC फर्स्ट बैंक में ₹7,500 करोड़ का निवेश किया। इन सौदों ने छोटे बैंकों पर निवेशकों का भरोसा और बढ़ा दिया है।
गुरुवार को शेयर बाजार में कैसा रहा इन बैंक्स का प्रदर्शन?
कर्नाटक बैंक: 1.6% बढ़कर ₹214 पर, 52 वीक-हाई ₹231.2 के करीब।
सिटी यूनियन बैंक: 1.4% गिरकर ₹274.8 पर, 52 वीक-हाई ₹283 के पास।
करूर वैश्य बैंक: ₹251.4 पर स्थिर, 52 वीक-हाई ₹258.5 के करीब।
साउथ इंडियन बैंक: 0.4% बढ़कर ₹40.2 पर, 52 वीक-हाई ₹41.65 के पास।
Q2 की असल तस्वीर
दूसरी तिमाही यानी Q2 में छोटे और मझोले प्राइवेट बैंकों की परफॉर्मेंस मिली-जुली रही। कहीं मार्जिन पर दबाव दिखा तो कहीं गोल्ड लोन जैसी कैटेगरी ने बैंक का सहारा बनकर अच्छा ग्रोथ दिया।
सितंबर 2025 की तिमाही में कई बैंकों के लिए ब्याज मार्जिन (NIM) घटा। कर्नाटक बैंक का NIM 3.2% से गिरकर 2.7% पर आ गया और एडवांसेज भी 2.4% घटे, जिससे मुनाफा 5% कम होकर 319 करोड़ रुपये रहा। कोटक महिंद्रा बैंक का NIM 4.54% रहा, एडवांसेज 15.8% बढ़े लेकिन ज्यादा प्रावधान की वजह से मुनाफा 2.7% घटा।
तमिलनाडु स्थित सिटी यूनियन बैंक ने गोल्ड लोन में 31.9% की तेजी दिखाई, एडवांसेज 18.6% बढ़े और नेट NPA घटकर 0.9% पर आ गया। मजबूत ग्रोथ से इसका मुनाफा 15.3% बढ़कर 328.6 करोड़ रुपये रहा।
करूर वैश्य बैंक का NIM 3.77% रहा, एडवांसेज 15.8% बढ़े और ज्वेलरी लोन में 69% की छलांग लगी। अन्य आय भी बढ़ी, जिससे इसका मुनाफा 21.4% बढ़कर 574 करोड़ रुपये पहुंच गया।
रिटर्न
कर्नाटक बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) 1.03%, सिटी यूनियन बैंक का 1.59% और करूर वैश्य बैंक का 1.8% रहा। यानी छोटे बैंक पूंजी का इस्तेमाल बड़े बैंकों से बेहतर कर रहे हैं।
आरबीआई की नीतियों से लोन ग्रोथ को बढ़ावा मिल रहा है। निवेशक अब देख रहे हैं कि ये बैंक कम लागत पर डिपॉजिट जुटाकर लोन बुक कितनी तेजी से बढ़ा पाते हैं।
वैल्यूएशन का खेल
कर्नाटक बैंक का P/E 7.1, करूर वैश्य बैंक का 11.6 और सिटी यूनियन बैंक का 16.8 है। वहीं कोटक महिंद्रा का P/E 31.4 है। यानी छोटे बैंक आधी कीमत पर डबल डिजिट ग्रोथ दे रहे हैं।