
Stock in News: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ग्लोबल मार्केट्स से मिले-जुले संकेतों की वजह से कारोबारी सप्ताह की समाप्ति लाल निशान में हुई। बाजार में आई इस गिरावट के बावजूद जानकारों का मानना है कि निफ्टी का टेक्निकल स्ट्रक्चर अभी भी मजबूत बना हुआ है। जब तक निफ्टी 24,350 के महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल से ऊपर बना हुआ है, तब तक बाजार में लॉन्ग टर्म के लिए तेजी की संभावना बरकरार है। हालांकि, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव से आने वाले दिनों में बाजार को एक सीमित दायरे में बांधकर रख सकता है।
सुस्त बाजार के बीच देश की कई प्रमुख कंपनियों ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। बैंकिंग सेक्टर के सबसे बड़े दिग्गज स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 21,121 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 10 प्रतिशत अधिक है और बाजार के अनुमानों से भी बेहतर रहा है।
वहीं दूसरी ओर, कंज्यूमर डिस्क्रेप्शनरी सेक्टर की प्रमुख कंपनी टाइटन (Titan) के नतीजों ने भी हर किसी को हैरान किया है। कंपनी के नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 63 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह बढ़कर 1,777 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान टाइटन का रेवेन्यू भी 40 प्रतिशत बढ़कर 20,753 करोड़ रुपये दर्ज की गई है।
आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी हिंडालको इंडस्ट्रीज (Hindalco Industries) ने भी पहली तिमाही में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 75 प्रतिशत बढ़कर 7,013 करोड़ रुपये के लेवल पर पहुंच गया। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे कंपनी के एल्युमीनियम और कॉपर कारोबार की मजबूती के साथ-साथ उसकी विदेशी सहायक कंपनी नोवेलिस (Novelis) में आई रिकवरी का बड़ा हाथ रहा है।
दूसरी तरफ, लॉजिस्टिक्स सेक्टर की बड़ी कंपनी दिल्लीवरी (Delhivery) के मुनाफे में इस तिमाही में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। दिल्लीवरी का शुद्ध मुनाफा 65 प्रतिशत गिरकर 31.9 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 91.1 करोड़ रुपये था। हालांकि, ऑपरेशन से रेवेन्यू 28 प्रतिशत बढ़कर 2,931 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है, जो बिजनेस के विस्तार का संकेत देती है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) ने अपने घाटे को कम करने में सफलता पाई है। पहली तिमाही में कंपनी का घाटा घटकर 336 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछली तिमाही (Q4) में 500 करोड़ रुपये था। वाहनों की डिलीवरी लगभग दोगुनी होने से कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार देखा गया है। मारुति सुजुकी को उम्मीद है कि देश में छोटी कारों की मांग लौटने और SUV सेगमेंट में तेजी से अगले 5 सालों में पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री 6.1 से 6.3 मिलियन यूनिट प्रति वर्ष तक पहुंच सकती है। इसके अलावा, हुंडई मोटर इंडिया भी मजबूत अंतरराष्ट्रीय मांग के दम पर अपनी निर्यात मात्रा में बड़े सुधार की उम्मीद कर रही है।
आज के कारोबार में अमरा राजा एनर्जी, एस्ट्रा माइक्रोवेव, भारत फोर्ज और बॉश जैसी कंपनियों के शेयर फोकस में रहेंगे, क्योंकि ये कंपनियां भी अपनी पहली तिमाही के नतीजों का ऐलान करने वाली हैं।
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