Stock Market Crash Today: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 12 जनवरी को लगातार 6वें दिन गिरावट दर्ज की जा रही है। आज के कारोबार में सेंसेक्स 700 अंकों तक नीचे आ गया, जबकि निफ्टी 50 (Nifty 50) 25,500 के नीचे लुढ़क गया। पिछले छह दिनों के भीतर निवेशकों की करीब 16 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति स्वाहा हो चुकी है। आज के कारोबार में सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर से 715.17 अंक टूटकर 82,861.07 के लेवल तक आ गया था, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 209.9 अंक टूटकर 25,473.40 के लेवल पर आ गया था।
इस खबर ने बढ़ाई टेंशन
शेयर बाजार में इस बड़ी गिरावट के पीछे की वजह अमेरिका से आ रही खबरें हैं। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर चल रही बातचीत अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। इसी बीच सेंक्शनिंग ऑफ रशिया एक्ट 2025 ने और तनाव बढ़ा दिया है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के हालिया बयानों से यह साफ है कि डोनाल्ड ट्रंप इस बिल के समर्थन में हैं। अगर यह बिल कानून बनता है, तो रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500% तक का टैरिफ लगाया जा सकता है। हालांकि भारत पर अभी 50% का टैरिफ लागू है।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि बाजार अब ज्यादा कमजोर हो गया है। भारत से जुड़े कुछ मुद्दों और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाओं की वजह से ये दबाव बढ़ा है। अमेरिका-भारत ट्रेड डील को लेकर अब और भी ज्यादा उलझन बढ़ गई है।
FII की लगातार बिकवाली
वहीं, बाजार में बिकवाली हावी होने की दूसरी सबसे बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली है। पिछले साल जुलाई से ही विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं। नए साल में अब तक उन्होंने 12,000 करोड़ रुपये की बिकवाली की है। इससे पहले जुलाई से दिसंबर के बीच FIIs ने 1.85 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली किए थे।
वैश्विक अनिश्चितता ने कम किया विश्वास
वहीं, दुनिया भर में चल रहे संघर्षों ने भी निवेशकों को विश्वास को हिला दिया है। हाल में शुरू हुए वेनेजुएला-अमेरिका विवाद, ईरान संकट और ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आक्रामक तेवर ने वैश्विक अनिश्चितता बढ़ा दी है। भारतीय बाजार के लिए आने वाले कुछ दिन और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। वीके विजय कुमार ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन की तरफ से अजीबोगरीब बयान आ रहे हैं, जिसका बाजार पर बुरा असर पड़ रहा है। इसके अलावा वेनेजुएला में हो रही हलचल, ईरान का संकट और ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर दी गई धमकियां भी निवेशकों को चिंतित कर रही हैं।