
Stock Market Crash Today 24 February 2026: भारतीय शेयर बाजार में आज, 24 फरवरी को हाहाकार मच गया। दलाल स्ट्रीट पर मंगलवार के शुरुआती कारोबार में ही जोरदार बिकवाली हावी हो गई, जिससे निवेशकों के लगभग 5 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए। सुबह लगभग 11 बजे बेंचमार्क इंडेक्स 872.35 अंक या 1.04% टूटकर 82,422.31 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 246.16 अंक या 0.96% लुढ़ककर 25,466.85 के लेवल पर आ गया। बाजार में आई इस भारी गिरावट से BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों के मार्केट कैपिटल में 465 लाख से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद यह गिरकर 469 के नीचे आ गया।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. वीके विजय कुमार ने कहा, 'ट्रंप के आज होने वाले स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है। बाजारों को खास तौर पर यह देखना है कि राष्ट्रपति ट्रंप क्या संदेश देते हैं। यूरोपीय संघ ने अमेरिका के साथ हुए डील को फिलहाल रोक दिया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टैरिफ में बदलाव आया है। साथ ही ट्रंप ने उन देशों को चेतावनी भी दी है जो डील से पीछे हटने की कोशिश करेंगे। इससे साफ है कि टैरिफ को लेकर यह ड्रामा अभी खत्म होने वाला नहीं है। इसके आगे भी अर्थव्यवस्थाओं और शेयर बाजारों पर असर पड़ सकता है।'
दरअसल, आज की गिरावट के पीछे के मुख्य कारण अमेरिका से आई एक खबर है। AI कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) ने क्लाउड कोड पेश किया है। यह सालों पुराने कोबोल प्रोग्रामिंग सिस्टम को मॉडर्न बनाने का दावा करता है। अमेरिका में आज भी लगभग 95 प्रतिशत ATM ट्रांजैक्शन इसी पुराने कोबोल लैंग्वेज पर निर्भर हैं। वहीं, TCS, इन्फोसिस, और HCL Tech जैसी भारतीय दिग्गज कंपनियां इस सिस्टम्स को मेंटेन करने और उन्हें अपडेट करने का काम करती थीं।
इस नए AI टूल से भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की जरूरत कम हो जाएगी। इसी डर से इन्फोसिस के शेयर आज 3 फीसदी टूट गए, जबकि एचसीएल, विप्रो और टेक महिंद्रा में भी भारी बिकवाली देखी गई। वहीं, अमेरिका में IBM के शेयरों में आई 13% की भारी गिरावट आई है।
इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भी निवेशकों के सेंटीमेंट को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जो देश ट्रेड पॉलिसी को नहीं मानेंगे, उन्हें भारी टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने 15% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान किया है।
इसके साथ ही जियो-पॉलिटिकल टेंशन पर भी अपने चरम पर है। दरअसल, जेनेवा में होने वाली वार्ता से ठीक पहले ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमले की संभावना जताई है। वहीं, ईरान ने इसे आक्रामकता करार दिया है और जवाबी कार्रवाई करने की बात कही है। वैश्विक स्तर पर इस तनाव से निवेश बाजार से अपना पैसा तेजी से निकाल रहे हैं और सुरक्षित निवेशक का रुख कर रहे हैं।
घरेलू मोर्चे पर भी कोई पॉजिटिव ट्रिगर नहीं रहा। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होकर 90.95 के स्तर पर पहुंच गया। जब रुपया कमोजर होता है तो विदेशी निवेशक अपना पैसा निकालना शुरू कर देते हैं। इसके साथ ही कच्चे तेल का इंपोर्ट महंगा होने से देश में महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।
वहीं, मंगलवार को निफ्टी 50 के डेरिवेटिव्स की वीकली एक्सपायरी भी थी। एक्सपायरी के दिन अक्सर बाजार में उतार-चढ़ाव अधिक रहता है। ट्रेडर्स अपने पुराने सौदों को काटते हैं या अगले हफ्ते के लिए रोलओवर करते हैं। इस बार बाजार में बिकवाली का मूड पहले से ही बना हुआ था, ऐसे में एक्सपायरी के चलते बियरिश प्लेयरों ने मार्केट को और गिराने में अहम भूमिका निभाई है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें, व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।
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