
Stock Market Crash Budget 2026: शेयर बाजार में बजट के दिन (Budget 2026) सेंसेक्स और निफ्टी 50 इंडेक्स क्रैश हो गए। दोपहर 12:30 मिनट पर सेंसेक्स 2400 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स भी 2 प्रतिशत तक लुढ़क गया था। इस गिरावट के पीछे की सबसे बड़ी वजह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की एक फैसला है। उन्होंनें सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (SST) में बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिसके बाद निवेशकों में खलबली मच गई और कुछ ही मिनटों में बाजार धाराशायी हो गया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्यूचर्स पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (SST) को बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया है, जबकि ऑप्शनंस पर बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है। सरकार के इस कदम से डेरिवेटिव ट्रेडिंग की लागत प्रभावित होगी। वित्तमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि सरकार सभी प्रकार के शेयरधारकों के लिए बायबैक से होने वाली कमाई पर कैपेटिल गेन के रूप में टैक्स लगाएगी।
बता दें कि सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) एक सरकारी टैक्स है। यह कैपिटल मार्केट में ट्रांजैक्शन पर लागू होता है। ऐसे में यह बढ़ोतरी ट्रेडर्स खासतौर बड़े वॉल्यूम में ट्रेड करने वाले लोगों के लिए लागत बढ़ा देगा। हालांकि, इस बढ़ोतरी से शॉर्टटर्म सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने और टैक्स रेवेन्यू बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अगर विदेशी निवेशकों यानी फारेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स और फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FII/FPI) पर इस सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT)में बढ़ोतरी के असर की बात करें, तो मुख्य रूप से उनके मुनाफे और इन्वेस्टमेंट स्टैटजी पर पड़ेगा। विदेशी निवेशक भारत के डेरिवेटिव मार्केट में बहुत एक्टिव रहते हैं, इसलिए इस वृद्धि से उनके लिए हर डील की लागत बढ़ जाएगी। इसके साथ ही विदेशी निवेशक अक्सर एल्गोरिदम और हाई फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग का इस्तेमाल करते हैं। यहां बेहद कम समय में बहुत ज्यादा वॉल्यूम में डील होती हैं।
इसके साथ ही विदेशी निवेशकों पर ट्रिपल टैक्स का बोझ बढ़ जाएगा। उनको लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 12.5% का टैक्स देना पड़ता है, जबकि शॉर्टटर्म कैपिटल गेन पर 20% का टैक्स लगता है। वहीं, रुपये की गिरती कीमत भी उनके वास्तविक रिटर्न को कम कर देती है। और अब सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स में बढ़ोतरी से टैक्स का बोझ और बढ़ गया है।
हालांकि, इसका असर शार्ट टर्म डील पर होगा। आमतौर पर विदेशी निवेशक लॉन्ग टर्म डील करते हैं। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार ने कहा, 'एसटीटी (सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स) में बढ़ोतरी सिर्फ फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेड्स पर लागू होती है, जिसका विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की निवेश पर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने बताया कि सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि रिटेल ट्रेडर्स को F&O में ज्यादा से ज्यादा सट्टेबाजी से रोका जा सके। SEBI की रिपोर्ट के मुताबिक, F&O में ट्रेड करने वाले करीब 92 फीसदी लोग पैसे गंवा रहे हैं।
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