इन 3 प्रमुख कारणों से ताश के पत्तों की तरह बिखरा शेयर बाजार, निवेशकों के 4 लाख करोड़ स्वाहा

Stock Market Crash 16 Dec:  शेयर बाजार में मंगलवार को जोरदार गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों को 4 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। 

Shivam Shukla
अपडेटेड16 Dec 2025, 03:48 PM IST
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट

Why Stock Market Fall Today 16 December: शेयर बाजार में मंगलवार को सभी सेक्टरों में भारी गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया के रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंचने और कमजोर ग्लोबल संकेतों की वजह बाजार पर दबाव रहा। आज के कारोबार में बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 534 अंक या 0.63 % की गिरावट के साथ 84,679.86 के लेवल पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 167 अंक या 0.64% टूटकर 25,860.10 के लेवल पर सेटल हुआ। वहीं, BSE मिडकैप इंडेक्स 0.78% और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.69% टूटकर बंद हुए।

निवेशकों को 4 लाख करोड़ का नुकसान

आज के ट्रेडिंग सेशन के दौरान सभी सेक्टरों में आई गिरावट की वजह से निवेशकों को लगभग 4 लाख करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। दरअसल, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड सभी कंपनियों का मार्केट कैपिटल 471 करोड़ रुपये से घटकर 467 करोड़ रुपये हो गया।

एक्सपर्ट व्यू

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ' रुपया लगातार नए निचले स्तर पर गिरता जा रहा है। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक माहौल की सुस्ती के चलते घरेलू शेयर बाजार आज लाल निशान में बंद हुआ। स्मॉल और मिडकैप कंपनियों के शेयर बड़े कंपनियों से ज्यादा गिरे। आईटी, मेटल, बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई, जबकि कंज्यूमर कंपनियों ने थोड़ा सहारा दिया।

उन्होंने कहा कि आगे भी बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, क्योंकि रुपया कमजोर है और विदेशी पैसा आने को लेकर अनिश्चितता है। अमेरिका-भारत व्यापार समझौते में प्रगति और रुपये की स्थिरता बहुत महत्वपूर्ण होगी। हालांकि मिड टर्म में हालात बेहतर दिख रहे हैं, क्योंकि जिंसों के दाम नरम हैं और कंपनियों की कमाई में सुधार की उम्मीद है।'

रिकॉर्ड निचले स्तर पर रुपया

मंगलवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार चौथे ट्रेडिंग सेशन में रिकॉर्ड निचल स्तर पर पहुंच गया। इसके पीछे की वजह नॉन-डिलीवरेबल फॉरवर्ड्स (NDF) बाजार में संभावित मैच्योरिटी पोजिशन से जुड़ी डॉलर की डिमांड और विदेशी पोर्टफोलियो से लगातार हो रही निकासी थी।

रुपया डॉलर के मुकाबले 91.0750 तक पहुंच गया। लेकिन आखिर में 0.3% की गिरावट के साथ 91.0275 पर बंद हुआ। इस साल डॉलर के मुकाबले इसमें 6% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। 2025 में यह उभरते बाजारों की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी में से एक है।

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विदेशी निवेशकों का मोहभंग

इसके अलावा, इस तेज गिरावट में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर महीने के पहले पखवाड़े में ही विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से लगभग 17,955 करोड़ रुपये की निकासी कर ली। वहीं, सोमवार के कारोबारी सत्र में उन्होंने लगभग 1,468 करोड़ रुपये की शेयर बेचे। इस तरह की भारी बिकवाली से बाजार का सेंटीमेंट निगेटिव हो गया है और निवेशकों का भरोसा डगमगा रहा है।

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ग्लोबल बाजारों से नकारात्मक संकेत

वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे नकारात्मक संकेत भी बाजार में गिरावट के प्रमुख कारणों में से एक हैं। पिछले कुछ दिनों से ग्लोबल शेयर बाजारों में भारी उथल-पुथल देखी जा रही है। मंगलवार को भी जापान के निक्की, हांगकांग के हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया के कोस्पी जैसे प्रमुख एशियाई सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी बाजारों में भी कारोबार सुस्त बना हुआ है। इन कमजोर वैश्विक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।

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