
Stock Market Crash Today: शेयर बाजार में आज एक बार फिर बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। आज सुबह कामकाज की शुरुआत सपाट स्तर पर हुई, लेकिन दोपहर तक हाहाकार मच गया। सेंसेक्स 1000 अंकों से ज्यादा गिर गया, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 24,000 के साइकोलॉजिकल लेवल को तोड़कर नीचे आ गया। बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों के 2 लाख करोड़ रुपये डूब गए। दरअसल, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप गिरकर 445 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. वीके विजय कुमार ने कहा, " अभी बाजार में कुछ अहम ट्रेंड चल रहे हैं, जिन्हें निवेशकों को अच्छे से समझना चाहिए। पहला ये कि पिछले एक साल वाला FII vs DII का खेल फिर शुरू हो गया है। विदेशी निवेशक (FII) लगातार बिकवाली कर रहे हैं, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) उससे ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं। FII अभी भी भारत को लेकर उदासीन बने हुए हैं और म्यूचुअल फंड्स में पैसा लगातार आ रहा है। ये सिलसिला अगले कुछ समय तक जारी रहने वाला है।
उन्होंने दूसरा सबसे बड़ा कारण बताया कि बाजार में कमजोरी के बावजूद कुछ सेक्टर टिके हुए हैं। फार्मा और घरेलू खपत से जुड़े जैसे टेलीकॉम, ऑटोमोबाइल और डिफेंस में अच्छी मजबूती दिख रही है। FII की लगातार बिकवाली से बड़े बैंकिंग स्टॉक्स काफी आकर्षक हो गए हैं, क्योंकि ये उनके पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा हिस्सा होते हैं। अगर कोई निवेशक इन्हें कम से कम दो साल के लिए पकड़कर रखे, तो अच्छा रिटर्न मिल सकता है। यहां धैर्य बहुत जरूरी है। विजय कुमार ने आगे कहा कि ब्रेंट क्रूड का 88 डॉलर से नीचे आना बाजार के लिए एक बड़ा पॉजिटिव संकेत है, इससे आशावादी माहौल बनेगा और सेंटिमेंट सुधरेगा।"
शेयर बाजार में आई गिरावट के पीछे की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-ईरान युद्ध है। इस युद्ध को शुरू हुए 12 दिन बीत चुके हैं और थमने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं। बुधवार को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर अब तक के सबसे भीषण हमले किए। वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है।
इसके साथ ही भारतीय करेंसी रुपया की लगातार कमजोरी ने भी गिरावट को समर्थन किया है। बुधवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 0.14% की गिरावट के साथ 91.9350 के लेवल पर खुला। हाल ही में इसने 92.35 के लेवल पर अब तक अपना सबसे निचला स्तर देखा है।
वहीं, विदेशी निवेशक भी लगातार भारतीय शेयरों की बिकवाली कर रहे हैं। मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लगभग 4,672.64 करोड़ रुपये की बिकवाली की। वहीं, मार्च के पहले सप्ताह में 21,800 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेच डाले हैं। बता दें कि फरवरी में विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में शुद्ध खरीदार रहे थे।
टशेयर बाजार में भारी गिरावट का एक कारण मुनाफावसूली भी है। मंगलवार को सेंसेक्स निफ्टी में जोरदार तेजी देखी गई थी। इसके पीछे की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से ईरान युद्ध को जल्द खत्म करने के संकेत थे। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट थी। सोमवार को कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, लेकिन मंगलवार को यह गिरकर 90 डॉलर के आसपास हो गई। ऐसे में निवेशकों ने बायिंग की।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें, व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।
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