
Stock Market Closing: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट जारी रही, जहां निफ्टी 50 सूचकांक 0.34% टूटकर 25,509 पर बंद हुआ। रिलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के एसवीपी (रिसर्च) अजीत मिश्रा ने बताया कि सत्र की शुरुआत सपाट रही, लेकिन दिनभर बिकवाली हावी रही। सेक्टरवार, मेटल, रियल्टी और एनर्जी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया, जबकि आईटी, ऑटो और एफएमसीजी शेयरों में कुछ मजबूती बनी रही।
मिश्रा ने कहा कि बाजार में कमजोरी की मुख्य वजह एफआईआई की लगातार बिकवाली और सीमित कॉर्पोरेट अर्निंग्स रही। वैश्विक स्तर पर किसी नए ट्रिगर की अनुपस्थिति ने भी निवेशकों की जोखिम लेने की प्रवृत्ति घटाई। तकनीकी रूप से, निफ्टी ने 20-दिवसीय ईएमए सपोर्ट तोड़ दिया है और अब 25,400 के स्तर की ओर बढ़ रहा है। ऊपर की ओर 25,700–25,800 पर रेजिस्टेंस देखा जा रहा है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि निफ्टी ने दैनिक चार्ट पर 21 ईएमए के नीचे क्लोजिंग दी है, जो कमजोरी का संकेत है। हालांकि, यह अब पिछले स्विंग हाई 25,450 के पास सपोर्ट ले रहा है। उन्होंने कहा कि 'अगर यह स्तर टूटता है तो गिरावट तेज हो सकती है, जबकि इसके ऊपर टिकने पर ट्रेंड रिवर्सल संभव है।'
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि 'अस्थिरता और चौतरफा मुनाफावसूली ने बाजार को नीचे खींचा। एफआईआई आउटफ्लो जारी रहा, हालांकि एशियाई बाजारों का रुख सकारात्मक था। एमएससीआई इंडेक्स में चार भारतीय कंपनियों की एंट्री और मजबूत अमेरिकी मैक्रो डेटा से शुरुआती उत्साह देखने को मिला था, पर कमजोर घरेलू पीएमआई ने सेंटिमेंट को ठंडा किया।'
एलकेपी सिक्योरिटीज के जतीन त्रिवेदी ने बताया कि सोना ₹660 की बढ़त के साथ ₹1,21,200 प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा, जिसे डॉलर इंडेक्स में कमजोरी का सहारा मिला। उन्होंने कहा कि 'अगले कुछ सत्रों में सोना ₹1,19,500– ₹1,22,500 के दायरे में रह सकता है।' रुपये के संदर्भ में त्रिवेदी ने कहा, 'रुपया मामूली रूप से मजबूत होकर 88.60 पर बंद हुआ, लेकिन एफआईआई बिकवाली ने इसके उछाल को सीमित रखा। फिलहाल 88.40–88.90 का ट्रेडिंग रेंज दिख रहा है।'
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के डेरिवेटिव एनालिस्ट हार्दिक मतालिया ने बताया कि 6 नवंबर को सेंसेक्स 148 अंक गिरकर 83,311 और निफ्टी 88 अंक घटकर 25,510 पर बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में क्रमशः 1% और 1.4% की गिरावट रही। उन्होंने कहा कि '25,700 स्तर पर अधिकतम कॉल राइटिंग और 25,500 पर पुट ओपन इंट्रेस्ट यह संकेत देता है कि बाजार निकट भविष्य में 25,500–25,700 के दायरे में रह सकता है।'
विश्लेषकों का मानना है कि बाजार फिलहाल कंसॉलिडेशन के दौर में है, जहां लगातार एफआईआई बिकवाली, कमजोर पीएमआई रीडिंग और सीमित अर्निंग्स ग्रोथ निवेशकों के आत्मविश्वास को प्रभावित कर रही है। हालांकि, आईटी और ऑटो जैसे डिफेंसिव सेक्टरों में स्थिरता दिख रही है।
कुल मिलाकर, बाजार में निकट अवधि में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक फिलहाल बड़े और गुणवत्ता वाले शेयरों पर ध्यान दें जबकि आक्रामक दांव से बचें। अधिकांश ब्रोकरेज हाउसों का मानना है कि दीर्घकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन शॉर्ट टर्म में कमजोरी बरकरार रह सकती है।
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