
Stock Market Opening Bell 19 March: शेयर बाजार में आज जोरदार गिरावट के साथ ओपनिंग हुई। यह गिरावट बीते कल अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने के बाद दर्ज की गई है। फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 3.5%-3.75% पर अपरिवर्तित रखा। पॉलिसी मेकर्स ने मीडिल ईस्ट में बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेंशन के प्रभाव और इकोनॉमी ग्रोथ की रफ्तार में नरमी के संकेतों पर विचार किया। आज के कारोबार के लिए बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 1953 अंकों या 2% से ज्यादा की गिरावट के साथ 74,750.92 के लेवल पर खुला, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 580 अंक या 2% से अधिक लुढ़ककर 23,197.75 के स्तर पर कामकाज की शुरुआत की।
इस दौरान, सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में खुले। निफ्टी रियल्टी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, बैंक निफ्टी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी सर्विस सेक्टर जैसे इंडेक्सों में 2 प्रतिशत से लेकर 2.80% तक की गिरावट दर्ज की गई।
आज के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स पैक के सभी शेयर लाल निशान में खुले। सबसे अधिक गिरावट HDFC Bank के शेयरों में 8% से ज्यादा की दर्ज की गई। इसके बाद जोमैटो की पैरेंट कंपनी इटर्नल में भी 4% से ज्यादा की गिरावट आई, जबकि L&T के शेयर भी 3% से अधिक लुढ़के। वहीं, एक्सिस बैंक में भी 3% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
HDFC Bank के शेयर सुबह के कारोबार में 8% से ज्यादा टूटकर 52 हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए। BSE पर यह 8.41% की गिरावट के साथ 772 रुपये के नए निचले स्तर तक लुढ़क गया। यह तेज गिरावट बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद आई है। उन्होंने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दिया था। अतानु ने अपने पत्र में कहा कि पिछले दो सालों में बैंक के अंदर कुछ घटनाएं और प्रैक्टिस ऐसी देखीं, जो उनकी वैल्यूज और एथिक्स से मेल नहीं खाती हैं।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. वीके विजय कुमार ने कहा, “युद्ध की अनिश्चितता अब और भी बढ़ गई है। इजरायल ने ईरान के दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी रिफाइनरी पर हमला कर दिया है। ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 111 डॉलर पर पहुंच गया है। यह भारत जैसे तेल और गैस आयात करने वाले देशों के लिए बुरी खबर है। अगर ब्रेंट 110 डॉलर से ऊपर लंबे समय तक बना रहा, तो भारत की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। जीडीपी ग्रोथ और कंपनियों के मुनाफे पर भी FY27 में इसका निगेटिव प्रभाव दिखेगा। लेकिन हालात तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए ऐसा होना जरूरी नहीं। लंबा युद्ध किसी के हित में नहीं है। इसलिए संघर्ष खत्म हो जाए और क्रूड की कीमतें तेजी से गिर जाएं, यह भी पूरी तरह संभव है।"
उन्होंने आगे कहा, "मार्केट पिछले कुछ दिनों से युद्ध की खबरों और क्रूड की कीमतों के कारण बहुत उतार-चढ़ाव भरा रहा है। अगर युद्ध और बढ़ता रहा, तो पिछले तीन दिनों की रिकवरी पूरी तरह मिट सकती है। इस बीच, फेड ने जैसी उम्मीद थी, वैसे ही ब्याज दरें नहीं बदलीं। फेड का हल्का सा सख्त रुख भी अपेक्षित था। अमेरिकी बाजार का निगेटिव रिएक्शन युद्ध बढ़ने की वजह से था। फेड के कमेंट का प्रभाव ज्यादा नहीं रहा।"
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें, व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।
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