Stock Market Crash Today 27 March 2026: वैश्विक स्तर से कमजोरी के संकेत मिलने के बाद आज घरेलू शेयर बाजार ने लाल निशान में कामकाज की शुरुआत की है। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 389.66 अंकों की गिरावट के साथ 74,883.79 के लेवल पर खुला, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 132.9 अंक लुढ़ककर 23,173.55 के लेवल पर खुला। इस दौरान, निफ्टी आईटी को छोड़कर सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में खुले। बाजार खुलते ही कुछ मिनटों के अंदर ही सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश हो गए। सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा नीचे चल गया, जबकि निफ्टी में 270 अंकों से अधिक की गिरावट आई है।
इन शेयरों में गिरावट
सुबह 9:30 बजे सेंसेक्स पैक से 23 शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि 7 में बढ़ोतरी देखी गई। सबसे अधिक गिरावट बजाज फाइनेंस के शेयरों आई और ये 2.80% लुढ़ककर कामकाज कर रहे थे, जबकि इंडिगो के शेयर 2.35% फिसलकर ट्रेड कर रहे थे। इसके बाद HDFC Bank के शेयर 2.30% नीचे आकर कामकाज कर रहे थे, जबकि इटर्नल के शेयरों में भी 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
इन शेयरों में उछाल
वहीं, बढ़त वाले शेयरों की बात करें, तो आईटी शेयरों में तेजी देखी जा रही है। HCL Tech और TCS में सबसे अधिक 1% से ज्यादा का उछाल दर्ज किया गया। इसके बाद इन्फोसिस के शेयर 0.5% से अधिक चढ़कर कामकाज कर रहे थे। वहीं, टेक महिंद्रा और सनफार्मा में भी 0.2% से 0.5% के बीच उछाल देखा गया।
6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान
कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन यानी शुक्रवार,27 मार्च को बाजार खुलते ही निवेशकों को 6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया है। दरअसल, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड सभी कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन 431 लाख करोड़ रुपये से घटकर 425 लाख करोड़ रुपये रह गया।
एक्सपर्ट की राय
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. वीके विजय कुमार ने कहा, "युद्ध की खबरों और घटनाओं पर बाजार की उतार-चढ़ाव वाली प्रतिक्रिया शार्ट टर्म में जारी रहने की उम्मीद है । ब्रेंट क्रूड का भाव एक बार फिर 108 डॉलर के आसपास पहुंच गया है, जिससे भारतीय बाजार में फिर से रिस्क-ऑफ माहौल बन सकता है।
तनाव शुरू होने के बाद बाजार में जो करेक्शन आया है, उसने निफ्टी की वैल्यूएशन को अब उचित स्तर पर ला दिया है। निफ्टी अभी करीब 19 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जबकि पिछले 10 साल का औसत 22.4 गुना रहा है। लेकिन, अगर इस ऊर्जा संकट की वजह से भारत की आर्थिक सेहत पर असर पड़ा तो FY27 में कमाई के अनुमान पर भी असर पड़ेगा और वैल्यूएशन फिर गिर सकती है।
अगर युद्ध जल्दी खत्म हो गया, क्रूड सस्ता हुआ और गैस की सप्लाई सामान्य हो गई तो भारतीय अर्थव्यवस्था इस झटके को आसानी से झेल लेगी। लेकिन अगर युद्ध लंबा खिंचा, क्रूड महीनों तक ऊंचा बना रहा और गैस की कमी बनी रही तो भारत की अर्थव्यवस्था पर काफी दबाव पड़ेगा। "
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें, व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।